50 करोड़ से अधिक NPA हुआ तो फ्रॉड मानकर जांच होगी : वित्त मंत्रालय

नई दिल्ली: पीएनबी घोटाले का दायरा बढ़ता जा रहा है. पीएनबी ने माना है कि नीरव मोदी-मेहुल चौकसी मामले की जांच में 1251 करोड़ का एक नया घोटाला सामने आया है.

इसके साथ ही ये घोटाला बढ़कर 12,636 करोड़ तक पहुंच गया है. अब इस तरह के बढ़ते मामलों को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी बैंकों से 50 करोड़ से ज़्यादा के NPAs की जांच पड़ताल करने को कहा है.

पंजाब नेशनल बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को 1251 करोड़ के एक और फ्रॉड की जानकारी दी है जो नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने किया है. इसके साथ ही अब पीएनबी घोटाला पहले के 11300 करोड़ से बढ़कर 12636 करोड़ का हो गया है.

पीएनबी ने सोमवार रात को स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी. माना जा रहा है कि कुछ और LoU का पता चला है जिसके ज़रिए पैसे निकाले गए हैं.

अब बैंकिंग सेक्टर में घोटाले के बढ़ते दायरे को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को सभी सरकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को 50 करोड़ से ज़्यादा वाले बैड लोन यानी NPAs के मामलों में संभावित फ्रॉड की जांच-पड़ताल करने का आदेश जारी कर दिया.

डिपार्टमेन्ट ऑफ फाइनेन्शियल सर्विसेज़ के सचिव राजीव कुमार ने ट्वीट कर कहा कि सरकारी बैंकों के MDs को बैंक फ्रॉड, जानबूझ कर लोन ना चुकाने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई और मामला सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया गया है.

PNB, Rotomac और Sambhaoli फ्रॉड मामले में बैंकों से लोन सैंक्शन करने के दौरान जो खामियां और अनियमितताएं सामने आई हैं उससे निपटने के लिए वित्त मंत्रालय ने ये दिशा-निर्देश जारी किये हैं.

सरकार की मंशा इस फैसले के ज़रिये सरकारी बैंकों में लोन सैंक्शन और मॉनिटरिंग की मौजूदा व्यवस्था को और मज़बूत करने की है. दरअसल सरकारी बैंकों में बढ़ते घोटालों से सरकार की चिंता और परेशानी बढ़ता जा रही है. अब तैयारी सरकारी बैंकों की जवाबदेही तय करने की है.

new jindal advt tree advt
Back to top button