अगर राहुल इस्तीफा देते हैं तो वह बीजेपी के जाल में फंस जाएंगे : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश पर अड़े हुए हैं और पार्टी के नेता उनको मनाने में जुटे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी उनसे कहा है कि हार-जीत तो लगी रहती है लेकिन उनको (राहुल) को अपना पद नहीं छोड़ना चाहिए. शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी बैठक में शामिल सभी नेताओं से इसे नामंजूर कर दिया. उनका कहना है कि वे पार्टी को मजबूत करने के लिए हमेशा काम करते रहेंगे, लेकिन वो अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे.

राहुल ने कहा कि गांधी परिवार से बाहर कोई भी पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले में सोनिया गांधी से हस्तक्षेप की मांग की लेकिन सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इससे इनकार कर दिया है. हालांकि प्रियंका का कहना है कि अगर राहुल इस्तीफ़ा देते हैं तो वो बीजेपी के जाल में फंस जाएंगे. कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी के कुछ नेता और मुख्यमंत्री अपने बेटों को ही आगे बढ़ाने में लगे हैं. ऐसे में सवाल इस बात का है कि राहुल गांधी अगर पार्टी के अध्यक्ष से इस्तीफा दे देते हैं तो कांग्रेस की बागडोर कौन संभालेगा.

वहीं लोकसभा चुनाव के बाद से कर्नाटक और मध्य प्रदेश की राज्य सरकारों पर संकट गहरा रहा है और राजस्थान में भी असंतोष के सुर फूट रहे हैं. इसके अलावा 2020 में दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में विधासभा चुनाव होने हैं. इन राज्यों में दिल्ली और हरियाणा में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला है. इन हालात में जो भी पार्टी की कमान जो भी संभालेगा उसके लिए हताश कार्यकर्ताओं और पस्त पड़े संगठन में फिर से जान फूंकना आसान नहीं होगा.

वहीं दूसरी ओर राहुल के बाद फिलहाल ऐसा कोई नेता दिखाई नहीं दे रहा है जिसकी सर्वमान्यता पूरी पार्टी में हो. राहुल गांधी पहले ही प्रियंका को पार्टी की कमान देने की बात से इनकार कर चुके हैं. अगर मान लिया पार्टी प्रियंका गांधी को कमान सौंपती भी है तो इससे एक गलत संदेश दिया जाएगा क्योंकि प्रियंका भी एक तरह से उत्तर प्रदेश में कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं. उनको पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन रायबरेली छोड़ एक भी सीट पार्टी नहीं जीत पाई. हालांकि यह सीट भी सोनिया गांधी के नाम पर कांग्रेस के खाते में आई है.

Back to top button