मौसम ने साथ दिया तो इस साल फलों के राजा आम की फसल अच्छी होगी

आम की फसल काफी कुछ मौसम पर निर्भर करती है

जागेश्वर सिन्हा

बालोद। फलों के राजा आम की फसल ने किसानों के चेहरों पर रौनक बिखेर दी है। पेड़ों में फल के लदान और बौर को देखकर किसान इस बार अंदाजा लगा रहा है कि फसल से मोटा मुनाफा कमाया जा सकेगा। गर्मी शुरू होते ही आम के पेड़ फल और बौर से पूरी तरह ढक गए हैं। पेड़ों में नजर आ रहे फल बौर अच्छी पैदावार का संकेत दे रहे हैं, लेकिन जरूरी है कि इन फल और बौर को झडऩे से रोका जाए।

मार्च के अंत तक लोगों को बाजार में हाइब्रिड कच्चे आम मिलना शुरू हो जाएंगे। मौसम के उतार चड़ाव के कारण इस बार आम के वृक्ष में फल समय से एक माह पहले आना शुरू हो गया, चूंकि वर्तमान में मौसम अनुकूल है।

जिस तरह से आम के पेड़ों पर बोर फल लदा है उससे तो यही अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो इस साल फलों के राजा आम की फसल अच्छी होगी और शौकीनों को भी खूब आम खाने को मिलेगा। ऐसे में आम की अच्छी पैदावार की संभावना बन रही है।

शुरुआती आवक में मिलती अच्छी कीमत

जिले के सभी ब्लाकों में आम के पेड़ व बगीचे हैं। फिलहाल जिले में देसी प्रजाति के आम का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है। देशी और कलमी आम की प्रजाति का उत्पादन अगर अच्छा होगा तो बाजार में आवक के समय किसानों को अच्छी कमाई की उम्मीद है।

बाजार में आवक के समय अच्छी प्रजाति के आम के दाम 40 से 50 रुपए प्रति किलो व देसी आम लगभग 30 से 35 रुपए प्रति किलो तक बिकता है। इस बार आम की फसल अच्छी होने की उम्मीद है। अभी तो बागों में बौर खूब लदा दिख रहा है। बागवानों का कहना है कि कई साल बाद इस बार बौर काफी अच्छा है। आम की फसल काफी कुछ मौसम पर निर्भर करती है। बस आंधी और बेमौसम बारिश से नुकसान न पहुंचे।

अच्छी पैदावार के लिए यह करें

बौर आने के बाद पेड़ की सिंचाई रोक दें। छोटे फल आ जाने के बाद पेड़ के आसपास गोलाकार गुड़ाई करें। इसके बाद पानी दें।बौर न झड़े इसके लिए टेबुकोना जोल दवा 30 एमएल या प्लेनोफिक्स सात एमएल दवा 15 लीटर पानी में डाल कर छिडक़ाव करें। बौर में अगर मकड़ी लग रही है तो डाइरोफाल 10 एमएम 15 लीटर पानी में डाल कर बौर पर छिडक़ाव करें।

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