विदेश जाने की राह में रुकावट आ रही है तो घर में करें इन कामों को

 ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री 8178677715, 9811598848

विदेश का नाम सुनकर ही आज के युवा वर्ग की आँखों में एक अलग तरह की चमक आ जाती हैं। आज के समय में हर युवा अपने जीवन में एक बार विदेश जाने का सपना जरुर देखता हैं तथा अपने सपने को सच करने के लिए विभिन्न

प्रयास भी करता हैं। कोई विदेश जाकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करना चाहता हैं तो कोई वहाँ जाकर पैसे कमाना चाहता हैं। युवा वर्ग में विदेश जाने की इच्छा तो बहुत होती हैं लेकिन किसी न किसी करणवश ये विदेश जाने में असफल हो जाते

हैं। किसी का वीसा नहीं बन पाता तो कोई आर्थिक तंगी के कारण नहीं जा पाता। अगर आप भी विदेश जाना चाहते हैं और लाख कोशिशों के बाद भी असफल हो रहे तो आप अपने विदेश जाने के सपने को सच करने के लिए कुछ अचूक

उपाय कर सकते हैं। जन्मपत्री से जब विदेश गमन का विचार किया जाता है तो लग्नेश का यात्रा भाव पर गोचर किया जाता है। इसके बाद चतुर्थ भाव को देखा जाता है, चतुर्थ भाव के पीडित होने पर यात्रा संभावित होती है। ज्योतिषीय योग के अनुसार जब लग्न या लग्नेश का चतुर्थ भावेश से संबंध हों तो व्यक्ति के विदेश जाने के अवसर बनते है। देखने में आया है कि जब चतुर्थेश द्वादश भाव को प्रभावित करता है तो व्यक्ति उस अवधि में विदेश जाता है।

लम्बी दूरी की यात्राओं के लिए बारहवें भाव का विचार किया जाता है। चतुर्थ भाव का पापकर्तरी योग में होना जातक को विदेश जाने के संकेत देता है। इसके अतिरित जब लग्नेश बारहवें भाव या नवम भाव में हों तब भी जातक के जन्मस्थान से दूर विदेश में रहने की
संभावनाएं बनती है।

ज्योतिष के प्रसिद्ध शास्त्र उत्तरकालामृत के अनुसार विदेश जाने के लिए सप्तम भाव को भी देखा जाता है। विदेश यात्राओं का कारक ग्रह राहु है। यदि राहु बारहवें भाव में हो तो व्यक्ति को कई बार विदेश जाने के अवसर मिलते है। निम्न उपायों को करने से विदेश जाने में सहयोग मिल सकता हैं-

रामभक्त हनुमान जी ने भगवान राम के सभी काम संवारें थे, इसलिए रुके हुए कार्यों को पूर्ण करने के लिए लगातार 108 दिन तक सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभप्रद उपाय है। इस उपाय को नियमित प्रात: स्नानादि से मुक्त होने के बाद अपने इष्ट देव का पूजन करने के बाद करें।

राहु देव को प्रसन्न करने और राहु ग्रह के सभी शुभ फल पाने के लिए हनुमान जी का पूजन और आराधना करने का विधि विधान है। यदि कोई जातक मंगलवार के दिन नित्यक्रियाओं से मुक्त होने के बाद विशेष रुप से मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना विदेश गमन का मार्ग खोलता है। पाठ करने से पूर्व और पश्चात अपने मन की कामना हनुमान जी से अवश्य कहें। यह पाठ आप मंगलवार से शुरु करें और लगातार 108 दिन लगातार करते रहें। इस बात का खास ध्यान रखें कि पाठ में किसी प्रकार की कोई बाधा ना आएं।

विदेश यात्रा के कारक ग्रह क्योंकि राहु ग्रह है इसलिए राहु स्तोत्र का पाठ करना शुभफलदायक रहता है।  जन्मकुंडली में राहु की अशुभता को दूर करने के लिए राहु मंत्र का जाप करना भी कारगर उपाय है। राहु यंत्र को स्थापित कर नित्य पूजा करना और राहु मंत्र का 108 बार जाप करना अतिउत्तम फल देता है।

भगवान राम हनुमान जी बाधाओं को दूर करने वाले देव है। इनकी आराधना विदेश यात्राओं में सफलता और सुख देती है।

हनुमान जी का नित्य दर्शन पूजन यात्रा में दुर्घटनाओं में कमी करते है।

राम भक्त हनुमान जी के स्मरण मात्र से जीवन की बाधाओं में कमी होती है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

विघ्न विनाशक भगवान श्रीगणेश का नित्य पूजन करने और लड्डू का भोग लगाना चाहिए। साथ ही श्रीगणॆश जी की आरती भी करनी चाहिए।

विदेश यात्रा का कामना करने वाले व्यक्ति को ऐसे व्यक्ति का रुमाल अपने साथ रखना चाहिए, जो विदेश यात्रा से वापस आया हो। यह टोटका सरल है परन्तु सटीक है।
सधन्यवाद सर जी
ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव
“श्री मां चिंतपूर्णी ज्योतिष संस्थान
5, महारानी बाग, नई दिल्ली -110014
8178677715, 9811598848

 ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री
8178677715, 9811598848

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव पिछले 15 वर्षों से सटीक ज्योतिषीय फलादेश और घटना काल निर्धारण करने में महारत रखती है. कई प्रसिद्ध वेबसाईटस के लिए रेखा ज्योतिष परामर्श कार्य कर चुकी हैं। आचार्या रेखा एक बेहतरीन लेखिका भी हैं। इनके लिखे लेख कई बड़ी वेबसाईट, ई पत्रिकाओं और विश्व की सबसे चर्चित ज्योतिषीय पत्रिकाओं  में शोधारित लेख एवं भविष्यकथन के कॉलम नियमित रुप से प्रकाशित होते रहते हैं। जीवन की स्थिति, आय, करियर, नौकरी, प्रेम जीवन, वैवाहिक जीवन, व्यापार, विदेशी यात्रा, ऋण और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, धन, बच्चे, शिक्षा, विवाह, कानूनी विवाद, धार्मिक मान्यताओं और सर्जरी सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं को फलादेश के माध्यम से हल करने में विशेषज्ञता रखती हैं।

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