33 प्रतिशत से अधिक क्षति है फसल तो किसानों को मिलेगा शासन से मुआवजा

अधिकारियों की टीम फसल बीमा के लिए तैयार करेंगे औसत उत्पादन

रायपुर:बारिश से प्रभावित किसानों की धान फसल के क्षति का सर्वे 24 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। जिलेभर के कृषि विस्तार अधिकारी व पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों के गांव पहुंचकर किसानों के खेतों में हुए नुकसान फसल का सर्वे करेंगे। सप्ताहभर के भीतर क्षति हुए फसल का सर्वे कर आंकलन करेंगे।

सर्वे के बाद फसल क्षति के आंकलन के अनुसार अधिक प्रभावित किसानों को शासन से मुआवजा मिलेगा। आंकलन में जिन किसानों की धान फसल की 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है। ऐसे किसानों को शासन से मुआवजा मिलेगा।

बता दें अंचल में सप्ताहभर से मौसम खराब है। बेमौसम बारिश हो रही है। इससे किसानों के खेतों में तैयार हरूना व लेट वैरायटी की खरीफ धान फसल को भारी नुकसान हुआ है। फसल प्रभावित होने से जिले के किसानों की चिंता बढ़ गई है।

राज्य शासन ने बारिश से प्रभावित किसानों की धान फसल को हुई क्षति का आंकलन करने का निर्देश जारी किया है। जिन किसानों के फसल का अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।

कृषि विस्तार अधिकारियों और पटवारियों को अलग-अलग समय में फसल बीमा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। क्योंकि अंचल में सप्ताहभर के भीतर धान फसल कटाई तेजी से शुरू हो जाएगी। मोबाइल एप व अन्य माध्यम से अधिकारियों की टीम फसल बीमा के लिए औसत उत्पादन तैयार करेंगे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने वाले किसानों को क्षेत्र के कुछ चिन्हांकित गांवों के औसत उत्पादन के आधार पर बीमा क्लेम का लाभ दिया जाएगा। चार से पांच सालों के उत्पादन की तुलना की जाएगी। वहीं बीमा कंपनी की नियमावली के अनुसार औसत उत्पादन कम आने पर प्रभावित किसानों को बीमा क्लेम का लाभ मिलेगा।

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