दिव्यांगजनों में इच्छाशक्ति है तो स्टीफन की तरह बना सकते हैं पहचानः शर्मा

अंकित मिंज

बिलासपुर।

संविधान में सबको समान अधिकार प्राप्त हंै। कहीं भेदभाव नहीं है, लेकिन समाज दिव्यांग जनों से भेदभाव करने लगता है। यह रवैया बदलना होगा। स्टीफन टॉकिन्स, सुधा चंद्रन आदि ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनायी।

यह बातें प्रोफेसर जीडी शर्मा कुलपति अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर ने कहीं। वे शनिवार को पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। शिक्षा विभाग, अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद्, बिलासपुर एवं ‘सक्षम समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल के द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय ‘दिव्यांगताः चुनौती एवं सामाजिक स्वीकार्यता है।

संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रो. शर्मा ने यह भी कहा कि जीवन में यदि तनाव न हो या कमी न हो तो जीवन रूक जायेगा, हम उनकी पूर्ति के लिए जी जान लगा देते है और समाज में एक उदाहरण पेश करते है। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. बंश गोपाल सिंह कुलपति, पण्डित सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय ने की। कार्यक्रम का आरंभ पंडित सुन्दरलाल शर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।

उसके बाद विश्वविद्यालय का कुलगीत गायन हुआ। कुलसचिव डॉ. राजकुमार सचदेव के द्वारा स्वागत भाषण एवं अतिथियों का परिचय कराया गया तथा पुष्प पौध देकर सम्मानित किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. बंश गोपाल सिंह ने कहा कि सामाजिक सरोकार एवं समाज को दिशा देने में विश्वविद्यालयों की भूमिका बेहद अहम होती है, इस लिए यह संगोष्ठी आयोजित की गई है। विषय प्रवेश विवि के कुलसचिव डॉ. राज कुमार सचदेव ने किया।

सिम्स के डीन पीके पात्रा ने भी रखे अपने विचार: इस सत्र में वक्ता के रूप में डॉ. पीके पात्रा, डीन सिम्स, बिलासपुर ने रक्तबाधिता के प्रकार को विस्तार से बताया और कहा कि वर्ष 2018 में रक्त बाधिता को भी दिव्यांगता भी शामिल किया गया है। डॉ. विनोद तिवारी ने भी अपने व्यक्त रखे। सत्र का संचालन डां. अनिता सिंह ने किया।

सेमीनार में श्री स्पेशल सेंटर का स्टॉल एवं कार्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान का नेत्रदान शिविर लगाया गया था। कुलपति ने श्रीफल एवं शॉल देकर अतिथियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बीएल गोयल सहित शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संगोष्ठी का समापन समारोह रविवार को प्रो. रवि प्रकाश दुबे, कुलपति, डॉ. सीवी रामन विश्वविद्यालय कोटा बिलासपुर के मुख्य आतिथ्य में तथा डॉ. बंश गोपाल सिंह कुलपति पण्डित सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विवि की अध्यक्षता में होगा।

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