राष्ट्रीय

अगर यही हमारे देश के बुद्धिजीवी हैं तो पहले इनका रजिस्टर बनें : शिवराज सिंह

लेखिका अरुंधति रॉय के एनपीआर पर दिए गए विवादित बयान पर किया पलटवार

नई दिल्ली: लेखिका अरुंधति रॉय के नागरिक जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पर दिए गए विवादित बयान पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया.

बीजेपी दिग्गज शिवराज सिंह ने कहा कि अगर यही हमारे देश के बुद्धिजीवी हैं तो पहले ऐसे बुद्धिजीवियों का रजिस्टर बनाना चाहिए.

उन्होने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर आगे लिखा, ‘वैसे उन्होंने ने अपना नाम तो बता ही दिया, साथ में ये भी बता दिया कि उन्हें कंग-फ़ू की भी जानकारी है. अरुंधति जी को शर्म आनी चाहिए! ऐसे बयान देश के साथ विश्वासघात नहीं है तो क्या है?”

‘लोग जानकारी में नाम रंगा-बिल्ला दें’

अरुंधति रॉय ने भारतीयों से कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर जनगणना में झूठ बोलें या फर्जी नाम बताएं. लोगों में भय पैदा करते हुए रॉय ने कहा कि एनपीआर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के लिए डेटाबेस तैयार करेगा, लेकिन आश्चर्य की बात यह कि उन्होंने अपील की कि मोदी सरकार को बाकी बचे चार साल नहीं दिए जाने चाहिए.

दिल्ली यूनिवर्सिटी में दिया बयान

रॉय ने तब बुधवार को अपनी गलत बयानी की, जब वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया.

बिल्कुल झूठी बात गढ़ी

देश भर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के बाद बने भ्रम का दुरुपयोग करते हुए और एक बिल्कुल झूठी बात गढ़ते हुए अरुंधति ने कहा, “अब एनपीआर क्या है? एनपीआर पहले भी हुआ है. एनपीआर में वे आपके घर आएंगे, वे आपसे कुछ भी पूछेंगे, वे आपका नाम और फोन नंबर पूछेंगे. यह एनआरसी के लिए डेटाबेस है.”

चार साल देना नहीं चाहिए

इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा, “लेकिन हमें उनसे अगले चार साल तक लड़ना है. पहले तो हमें उन्हें चार साल देना नहीं चाहिए, लेकिन हमारे पास कोई योजना होनी चाहिए. जब वे आपके घर आएं आपका नाम पूछें, आप उन्हें कुछ भी नाम जैसे रंगा बिल्ला, कंग-फु कुत्ता बताएं, पते के रूप में सात रेस कोर्स रोड बताएं और एक फोन नंबर तय कर लें. लेकिन हमें कई सबवर्सन की जरूरत होगी. हम लाठी और गोली के लिए पैदा नहीं हुए हैं.”

Tags
Back to top button