अगर डाइट में शामिल करेंगी ये विटामिन्स तो मां और बच्चा दोनों रहेंगे स्वस्थ

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना पड़ता है

सही डाइट गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकास के लिए जरूरी है। हेल्दी फूड्स के साथ गर्भवती महिलाओं को भोजन में विटामिन्स भी जरूर शामिल करने चाहिए। विटामिन बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ मां के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। चलिए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को डाइट मेन्यू में कौन से विटामिन्स शामिल करने चाहिए।

विटामिन A

विटामिन ए भ्रूण के ह्रदय, फेफड़े, किडनी, आंखों और हड्डियों के विकास के लिए जरूरी है। इसके अलावा इससे प्रसव के बाद महिलाओं को रिकवरी करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही यह प्रेग्नेंसी में नजर कमजोर होने से भी बचाता है।

विटामिन B

प्रेग्नेंसी में थकावट और कमजोरी महसूस होती है। इसे दूर करने के लिए अपने आहार में विटामिन बी से भरपूर चीजें जैसे दालें, ओट्स, नट्स और अलसी के बीजों का सेवन करें। विटामिन बी शिशु की हड्डियों को भी मजबूत बनाता है।

विटामिन C

गर्भावस्था में महिलाओं के लिए विटामिन सी भी बहुत जरूरी है। इससे न सिर्फ इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है बल्कि शिशु का विकास के लिए भी फायदेमंद है। विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए बेरीज, फल, टमाटर, पपीता, अमरुद, ब्रोकली और अन्य हरी सब्जियों का सेवन करें।

विटामिन D

प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ यह हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। वैसे तो विटामिन डी धूप से मिलता है। मगर डेयरी प्रॉडक्ट्स, कॉड लिवर ऑयल, गाजर, संतरे का रस, मशरूम, हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, बीन्स, सॉल्मन और टुना फिश का सेवन भी निटामिन डी की कमी को पूरा करता है।

विटामिन E

गर्भवती महिलाओं में विटामिन ई की कमी से शिशु के मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में इसकी कमी को पूरा करने के लिए वनस्पति तेल, गेहूं, साग, चना, जौ, खजूर, मांढ के चावल, मक्खन, मलाई, शकरकंद, अंकुरित अनाज और फलों का सेवन करें।

विटामिन बी12

 

 

विटामिन बी12 गर्भवती महिला के शरीर के रक्त में लाल कणों को बढ़ाने में मदद करता है और नए कण भी बनाता है। यह न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि यह बच्चे की नसों के विकास में भी सहायक है। यह विटामिन अण्डे, दूध, पनीर और मीट मछली से मिलता है।

<>

Back to top button