मित्र हों तो श्रीकृष्ण-सुदामा जैसा : आचार्य सत्यनारायण*

रायपुर।

श्री जगन्नाथ मन्दिर पुरानी बस्ती रायपुर के सत्संग भवन में गत 7 दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथाज्ञानयज्ञ में भक्तिरस का पान कराते हुए , राष्ट्रसंत आचार्य सत्यनारायणजी ने बताया कि 16 हजार अबला नारियों को श्रीकृष्ण ने असुरों के कैद से मुक्त कर उन्हें अपनी रानियों के रूप में विवाह भी किये,सत्यभामा और जाम्बवती आदि 8 पट रानियों से भी विवाह का वृतांत सुनाते हुए श्रीकृष्ण के विराट व्यक्तित्व और अपने भक्तों के लिए उनके लोककल्याणकारी अनुकरणीय कार्यों का वर्णन किये।

श्रीकृष्ण के बालसखा सुदामा जी से द्वारिका में पहुंचने व उनके मार्मिक पुनर्मिलन व स्वागत सत्कार की भव्य प्रस्तुति उन्होंने किये। राष्ट्रसंत सत्यनारायण ने कहा कि मित्रता हो तो श्रीकृष्ण-सुदामा जैसा आदर्श मित्र इन सभी प्रसंगों का कथा के साथ साथ गीत व नृत्य का भी भक्तिभाव से भक्तों व श्रद्धालुओं द्वारा दिव्य प्रस्तुति हुआ।

व्यासपीठ से आचार्य जी ने श्रीकृष्णजी को भगवान् बिष्णु का सोलह कलाओं से परिपूर्ण पूर्णावतार बताया । जिन्होंने विश्वकल्याण और धर्म की स्थापना के लिए ही यह अवतार लिये।आज छप्पन भोग लगाकर प्रसादी भी हुआ।

प्रति दिन मध्यान्ह और रात्रि भोजन भंडारा का भी नियमित रूप से हो रहा है। आचार्य सत्यनारायण जी ने आज भी अनेक श्रद्धालुओं को दीक्षा का संकल्प भी कराया। सहयोगी आचार्य के रूप में आचार्य पँ हिमांशु कृष्ण शास्त्री एवं पँ निखिल दुबे ने व्यासपूजा एवं परायण भी किये।

इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में ब्राह्मण अंतर्राष्ट्रीय महासंघ के केंद्रीय अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डॉ कीर्तिभूषण पाण्डेय,आचार्य स्वामी अरुण चौबे जी शास्त्री,विश्व ब्राह्मण संघ के प्रांताध्यक्ष पँ नीलकण्ठ त्रिपाठी, पँ प्रमोद गौतम, पँ उमा शंकर तिवारी, पँ शुभम तिवारी, पँ कुंजबिहारी द्विवेदी, मीरा तिवारी, पँ रामानुज उपाध्याय,प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ रामशरण गौरहा ,पँ रामअवतार पाण्डेय,पँ दीपक चौबे,सन्ध्या चन्द्रकांत तिवारी,सविता गोपालाचार्य, ओमप्रकाश गुप्ता एवं अन्य विद्वानों का उत्तरी वस्त्र, श्रीफल,प्रतीक चिन्ह व् पुष्पहार से स्वागत एवं अंभिनन्दन किया गया।

आस्था/संस्कार चैनल के प्रमुख गायक कलाकर-संगीतकार सर्वश्री अजय व्यास,रूपराम एवं सन्तोष द्वारा भव्य भजन सन्ध्या की प्रस्तुति तथा श्रीमद्भागवत कथा एवं भजन कीर्तन में दिव्य संगत किया गया।

मुख्य यजमान एव आयोजक के रूप में अहल्या~पँ दुष्यंत तिवारी सौ ममता तिवारी एवं अक्षत तिवारी ने पूजन आरती एवं अतिथियों का स्वागत किया। आज के कथा के समापन पर भव्य महाआरती डॉ कीर्तिभूषण पांडेय,पँ उमाशंकर तिवारी,पँ सूर्यकांत शर्मा(लल्ला गुगरुजी) , डॉ अनिल पांडेय, पँ रूपेंद्र द्विवेदी,पँ नीलकण्ठ त्रिपाठी,पँ शुभम तिवारी, अक्षताचार्य,सौ अहिल्या देवी-पँ दुष्यंत तिवारी द्वारा की गई।

यह भागवत कथा ,सोहागा मन्दिर ब्राह्मणपारा रायपुर के ब्रह्मलीन महंत स्वामी मधुसूदनदास जी की पूण्यस्मृति में उनके प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर जगन्नाथ मन्दिर टुरीहटरी पुरानी बस्ती रायपुर में राष्ट्रसंत स्वामी सत्यनारायण *भागवतभास्कर* के मुखारवृंद से सुनाया गया । जिसमे श्रद्धालु श्रोताओं एवं भक्तों का अपार भीड़ दिन प्रतिदिन उमड़ रहा है।

कल सोमवार 14 जनवरी को प्रातः 9 बजे से 11 बजे गीता प्रवचन और तुलसी वर्षा के पश्चात यज्ञ हवन और पूर्णाहुति ततपश्चात भोग भंडारा का आयोजन भी होगा,दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक। आचार्य डॉ कीर्तिभूषण पाण्डेय व अन्य सहयोगी ज्योतिषियों द्वारा विभिन्न रोग दोष व समस्याओं के समाधान हेतु श्रद्धालुओं को ज्योतिष वआध्यात्मिक उपचार भी यज्ञ के पूर्व व समापन के पश्चात विचार कर उपचार व समाधान भी बताए जावेंगे । स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सा शिविर का आयोजन आज भी किया गया तथा कल सोमवार 14 जनवरी को होगा । सैकड़ों लोगों ने इस स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ उठाया।

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