पैरेंटिंग

अगर आप अपने बच्चे को जरूरत से ज्यादा करते हैं प्यार तो जान लें इसके नुकसान

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंटिंग से हो सकता हैं बच्चे पर उल्टा असर

बच्चे के पालन-पोषण में अपनाया जाना वाला तरीका और उससे जुड़ी छोटी से छोटी बात का ध्यान रखना पेरेटिंग का हिस्सा हैं। कुछ पेरेंट्स अपने बच्चे को इतने ज्यादा लाड़-प्यार और छोटी-छोटी बातों पर पूछताछ करते हैं कि वे ‘ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंटिंग’ का शिकार हो जाते हैं, जिसे ‘हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग’ भी कहते हैं। एक्सपर्ट की मानें तो बच्चों के लालन-पालन में का यह तरीका बहुत घातक हैं। इस तरह के बच्चे डर के साय में जीते हैं, वर्तमान में किसी भी चीज का निर्णण लेने में वे असमर्थ होते हैं। आप भी अपने लाड़ले को जरूरत से ज्यादा प्यार करते हैं तो जान लें इसके और भी कई नुकसान।

1. ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंटिंग का बच्चे पर असर

बच्चे की हर छोटी सी छोटी हरकत पर नजर रखना कई बार गलत साबित भी हो सकता हैं। वे कई बातों मां-बाप से छुपाने लगता हैं। वह महसूस करता हैं कि उसे हर चीज के लिए जवाब देना पड़ेगा। कई बार इस डर की वजह से वह गलत रास्ता अपना लेता हैं।

2. ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंटिंग के नुकसान

जरूरत से ज्यादा बच्चे की देखभाल नुकसान दायक हैं। इससे उसके आत्मविश्वास में कमी आने लगती हैं। बिना केयर कुछ भी करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।</>

– इस तरह के बच्चे का स्वभाव बदलता रहता हैं। कभी बहुत गंभीर तो कभी वह अकेलापन महसूस करने लगता हैं।

– पेरेंट्स बच्चे पर जितना ज्यादा दवाब बनाते हैं, वह उनकी उम्मीदों खरा उतरने में असमर्थ हो जाता हैं। इसका कारण उसका खुद की खुशी से नहीं बल्कि दवाब में आकर काम करना हैं

– बच्चे को कोई भी गलती करने से रोकना भी अच्छी बात नहीं हैं। जब तक वह गलत नहीं करेगा तब तक उसे सही सीख नहीं मिल पाएगी। उसे गलती का अहसास होने दें और कुछ करने के लिए प्रेरित करें।<>

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