शैलेश पांडे की उपेक्षा करना कांग्रेस को निगम चुनाव में पड़ सकता है महंगा

भरत मंगवानी

बिलासपुर: शैलेश पांडे भले ही विधायक चुनाव जीतकर जनता के दिल मे जगह बना ली हो पर उनके ही पार्टी के नेताओ द्वारा लगातार हर कार्यक्रम में उनकी उपेक्षा करना निगम चुनाव में कांग्रेस को ही बहुत भारी पड़ सकता है,

शैलेश पांडे ने 4 बार के विधायक दिग्गज नेता अमर अग्रवाल को 11000 मतों से हराकर अपनी राजनीतिक क्षमता का परिचय दिया था, पर जीत के साथ ही उनके लिए 1 चुनोती भी शुरू हो गयी वो की अपने पार्टी के नेताओ से उनकी नही बन पाना,

चाहे वह 26 जनवरी में झंडारोहण समारोह हो, 15 अगस्त हो या फिर अन्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने को लेकर हो, हर बार उनके ही पार्टी के नेताओ ने दूरियां बना कर अपना 1 अलग गुट बना लिया,

अभी पिछले दिनों 1 कार्यक्रम में मुख्यातिथि बनते ही कार्यक्रम के आयोजक छात्र नेता को कार्यक्रम के पूर्व 1 पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया,

आखिर क्या वजह है कि जब भी शैलेश पांडे को मुख्यातिथि बनाया जाता है उस कार्यक्रम में विघ्न बाधा डाल कर उसे फैल कर दिया जाता है,

अभी कुछ ही दिनों में निगम चुनाव होने है पर ऐसा लगता है शहर का 1 बड़ा वर्ग शैलेश पांडे की उपेक्षा से बेहद नाराज है और इसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ सकता है.

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