क्राइम

IIT कानपुर में छात्राओं के साथ छेड़छाड़, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूरा घटनाक्रम

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बाद अब आईआईटी कानपुर में छात्राओं के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया है। छात्राओं ने स्थानीय नेता के दबाव में कल्याणपुर पुलिस और आईआईटी के सिक्योरिटी अधिकारियों पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। आईआईटी के छात्र-छात्राओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ऑनलाइन मुहिम छेड़ दी है। पूरा घटनाक्रम फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर वायरल हो चुका है।

घटना कुछ दिनों पहले की बताई जा रही है जब गर्ल्स हॉस्टल के लॉन में कुछ छात्राएं बैडमिंटन खेल रहीं थीं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी स्मार्ट मटेरियल्स, स्ट्रक्चर एंड सिस्टम लेबोरेट्री से रिसर्च कर रहे स्कॉलर हिमांशु पांडेय ने अपने फेसबुक पेज पर घटना को विस्तार से बताया है। हिमांशु के मुताबिक वह और उनकी एक दोस्त गर्ल्स हॉस्टल के बाहर ही खड़े थे। इसी दौरान वहां से एक लड़का गुजरा जिसने बैडमिंटन खेल रहीं छात्राओं पर भद्दे-भद्दे कमेंट किए। हिमांशु और उसकी दोस्त ने दौड़ाकर उस लड़के को पकड़ लिया। सिक्योरिटी गार्ड के हवाले कर दिया।

सिक्योरिटी अधिकारी भी पहुंच गए। आरोपी लड़के के परिजनों को बुलाया गया तो वह गलती मानने की बजाय बोलने लगे कि बच्चा ही तो है… इसमें क्या बात है। हिमांशु का आरोप है कि जब वह अपने साथियों के साथ मामले की शिकायत कर रहे थे तो उन्हें फोन पर आरोपी के परिजनों ने किसी से बात कराई। उसने पहले तो शिकायत वापस लेने को बोला लेकिन जब वह नहीं माने तो देख लेने की धमकी देने लगा। इससे गुस्साईं लड़कियों ने कल्याणपुर में तहरीर दी लेकिन आरोप है कि वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। इंस्पेक्टर कल्याणपुर बीपी सिंह ने ऐसी किसी शिकायत आने से इंकार किया। कहा अगर शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई करेंगे।

छात्रों ने मामले की शिकायत छात्र कल्याण अधिष्ठाता से भी की है। हिमांशु का कहना है कि वह और पीड़ित छात्राएं मामले में चुप नहीं रहेंगे। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जबतक कार्रवाई नहीं होती वह इसके खिलाफ ऑनलाइन अभियान चलाते रहेंगे।

बीएचयू में एक हो सकते तो यहां क्यों नहीं

दि ओपन बुक नाम से ट्विटर पर सक्रिय आईआईटी के रिसर्च स्कॉलर सजीतम मैथ्यू ने बीएचयू में छात्राओं के प्रदर्शन की एक फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया है कि जब वहां लैगिंग समानता को लेकर छात्र-छात्राएं एक हो सकते हैं तो हम आईआईटी में छात्राओं के साथ हुई घटना में एक क्यों नहीं हो सकते।

Tags

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button
%d bloggers like this: