छत्तीसगढ़

सेंदरी,कछार,घुटकू घाट में अवैध उत्खनन, सिर्फ सात वाहनों पर कार्रवाई

अंकित मिंज

बिलासपुर। शहर से लगे सेंदरी, कछार और घुटकू में अरपा नदी से रेत निकालने रोज 70 से 80 गाड़ियां आती हैं। इन बंद घाटों से रोज लाखों रुपये की रेत पार हो जाती है। खनिज विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शनिवार को ग्रामीणों की नाराजगी के बाद खनिज अमला पहुंचा जरूर, लेकिन केवल सात गाड़ियों पर कार्रवाई कर लौट गया। जबकि नदी में तब एक्सीवेटर से लेकर दर्जनों की संख्या में हाइवा भी मौजूद थे।

सेंदरी, कछार और घुटकू से ग्रामीणों की दर्जनों शिकायतें इस समय खनिज विभाग के पास पेंडिंग है। हर शिकायत में बड़े पैमाने पर नदी से रेत उत्खनन होने की बात कही गई थी। इससे नदी की कई जगह असामान्य रूप से गड्ढा तो कहीं वीरान टीला हो गई है।

इसके अलावा लोगों को सबसे बड़ी दिक्कत दिन-रात चलने वाली रेत भरे हाइवा और ट्रैक्टर से है। गांव की सड़कों में तेज रफ्तार चलने वाले इन वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। लाख शिकायत के बाद भी खनिज विभाग यहां कार्रवाई करने से कतरा रहा है।

इससे लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। शनिवार को भी लोगों ने जब खनिज विभाग को शिकायत की तो मामले को शांत करने के लिए खनिज विभाग का अमला मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंचा।

आश्चर्यजनक तरीके से उनके आने से ठीक पहले आधी से अधिक गाड़ियां नदी से हटकर सड़क के किनारे खड़ी हो गइर्। खनिज की टीम ने यहां केवल सात गाड़ियों को पकड़कर कोनी थाने में खड़ा किया है।

इनमें खास बात यह है कि उनके जाते ही फिर एक्सीवेटर और भारी वाहन वापस नदी में लौट गए,जैसे कुछ हुआ ही नहीं। इससे साफ है कि यहां अवैध उत्खनन का काम खनिज अमले की मिलीभगत के साथ चल रहा है।

ग्राम पंचायत की भूमिका संदिग्ध

अवैध रेत उत्खनन को लेकर जब भी शिकायत हुई है ग्रामीणों ने ही की है। उनके पंचायत प्रतिनिधियों ने कभी इसके खिलाफ आवाज बुलंद नहीं की गई। इससे उनकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

मालूम हो कि नदी में होने वाले अवैध उत्खनन रोकने पर्यावरण विभाग के पास भी पर्याप्त अधिकार है। उनके द्वारा भी कभी अपने अधिकारों का उपयोग नहीं किया जाता है।

अवैध रेत उत्खनन को लेकर अमले ने कार्रवाई की है।

Tags
Back to top button