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पशु चिकित्सा में कार्यरत कर्मचारी द्वारा की जा रही थी अवैध पैसा वसूली, ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से की शिकायत सौपा ज्ञापन

पहले भी मरावी द्वारा विभागीय कर्मचारी श्री सियाराम साहू जी के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर दोनों कर्मचारियों के द्वारा संबंधित कटघोरा थाना में सूचना दिए जा चुके थे

पोड़ी उपरोड़ा:- विकासखण्ड पोड़ीउपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत बिंझरा में संचालित पशु चिकित्सा विभाग में कार्यरत परिचारक श्री नागेश मराबी के द्वारा अवैध वशूली की जा रही थी , जिसकी शिकायत कोरबा उच्च अधिकारियों को की गई तत्पश्चात मरावी के ऊपर विभागीय जांच के तहत पशु चिकित्सा जिला कोरबा उपसंचालक श्री डॉ एस पी सिंह, कार्यालय उपसंचाल डॉक्टर हितेंद्र सोनी , पोड़ी उपरोड़ा डॉ अजय कुमार सिंह उपस्थित होकर श्री मराबी के द्वारा किए गए कृत के ऊपर जांच की गईं ,

चूंकि पहले भी मरावी द्वारा विभागीय कर्मचारी श्री सियाराम साहू जी के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर दोनों कर्मचारियों के द्वारा संबंधित कटघोरा थाना में सूचना दिए जा चुके थे जिसमे मराबी के द्वारा विशेष जनजाति थाना कोरबा में भी सूचना दे चुके थे ,

जांच करने आयी कोरबा की टीम को बिंझरा के गणमान्य नागरिकों ने यह अवगत कराया कि परिचारक श्री मराबी लगातार शराब सेवन कर ड्यूटी आते हैं और काफी लोगों से नौकरी के नाम पर टीकाकरण के नाम पर पूर्व में काफी पैसा ले चुके हैं ।

व पूर्व के इनके कार्यस्थल ग्राम केदाई में उनका कार्य संतोषप्रद नहीं था जब से ग्राम बिंझरा में आए हैं तब से इनके द्वारा अनैतिक कार्य व उगाही काफी लंबा चौड़ा काफी दिनों से करते आ रहे हैं

अधिकारियों को लिखित में बयान

अधिकारियों को लिखित में बयान देकर उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने श्री नागेश मराबी को तत्काल बिंझरा पशु चिकित्सालय से अन्य जगह पर स्नान तरण करने की लिखित में आवेदन दिए और जितने भी पैसा मराबी के द्वारा उगाही किया गया है उसको 5 दिन के अंदर सभी को वापस करने के लिए उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग ने सभी सदस्यों की उपस्थिति में कहा,

Illegal money was being collected by an employee working in veterinary medicine, villagers submitted a complaint to high officials
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्राम के बिंझरा के जितने भी प्रभावित परिवार थे और भावर, सीपत, मालदा से भी जनप्रतिनिधि मराबी के विरोध में अवैध उगाही के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया गया…..

अब देखना यह है कि शासकीय कर्मचारी होते हुए भी नौकरी के नाम से टीकाकरण के नाम से अवैध उगाही करने वाले कर्मचारी पर पशुओं की चिकित्सा विभाग क्या कार्रवाई करता है

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