छत्तीसगढ़राजनीति

छत्तीसगढ़/ भूपेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

प्रदेश में सीधी भर्ती के समस्त पदों पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में नियुक्त किए जाएंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूपेश कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.. प्रदेश में सीधी भर्ती के समस्त पदों पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया। महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर में अतिरिक्त महाधिवक्ता के 2 नवीन पद के सृजन का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य विधि आयोग को आगे जारी नहीं रखने का निर्णय लिया गया। आयोग में वर्तमान में कार्यरत कुल 6 कर्मचारियों को उनके पदों पर ही राज्य के विधि और विधायी कार्य विभाग मंत्रालय में नियमानुसार संविदा पर ही संलग्न करने का निर्णय लिया गया। अशासकीय संस्था रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर के नैमित्तिक एवं आकस्मिक स्थापना के कर्मचारियों के नियमितीकरण की अनुमति प्रदान की गई।

छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा

छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्गीकरण, भर्ती तथा सेवा की शर्ते) नियम, 1975 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष के पद पर टामन सिंह सोनवानी की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नवीन अग्रताक्रम का निर्धारण का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सामाजिक रूप से बहिष्कृत और मानसिक रूप से प्रताड़ित लोगों के संरक्षण विषय को समाज कल्याण विभाग को आवंटन का अनुमोदन किया गया है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम, 2008 को निरसित करने जारी अधिसूचना 23 जनवरी को संशोधन कर जनवरी 2019 से भूतलक्षी प्रभाव से निरसित करने का अनुमोदन किया गया।

डॉ.आलोक शुक्ला (सेवानिवृत्त भाप्रसे) को प्रमुख सचिव के रिक्त असंवर्गीय पद पर तीन वर्ष के लिए संविदा नियुक्ति का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियम, 2001 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

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