आतंकवादी का निर्माण करने की लैबोरेट्री चला रहे इमरान खान: शिवसेना

आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान

मुंबईः जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमलें में सीआरपीएफ के 37 से भी ज्यादा जवान हो शहीद हो गए. आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले में अचानक ब्लास्ट कर दिया. जम्मू कश्मीर में हुए इस आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की.

जहां शिवसेना ने आतंकी हमले लेकर एक बार फिर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ‘इमरान खान नाम के प्रधानमंत्री हैं. आईएसआई और मसूद अजहर जैसे आतंकी संगठन ही पाकिस्तान नामक आतंकवादी का निर्माण करने की लैबोरेट्री चला रहे हैं. पाकिस्तान आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भिखमंगा हो चुका है फिर भी उसकी भीख के कटोरे में दान डालनेवाले चीन जैसे देश हैं.”

पाकिस्तान में घुसकर मसूद अजहर को मारने की जरूरत

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सामना के जरिए लिखे लेख में शिवसेना ने कहा कि पुलवामा हमले से देश हिल गया है. देश के लोगों में गुस्सा है. शिवसेना ने कहा कि अब सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि पाकिस्तान में घुसकर मसूद अजहर को मार गिराने की जरूरत है.

मसूद अजहर को सबक सिखाने को लेकर शिवसेना ने कहा, ”सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम ऐसे आतंकियों के लिए ज्यादा नहीं है. अमेरिका ने जैसे ओसामा बिन लादेन का दो घंटे में खात्मा किया हमें भी वैसा ही करने की जरूरत है.”

लगातार बिगड़ती जा रही है परिस्थिति

आजादी के बाद सभी सरकारों पर हमला बोलते हुए सामना ने कहा कि पिछले 70 साल से गले की नसों को तानकर कहा जा रहा है कि कश्मीर हमारा है. लेकिन उसी कश्मीर में हमारे ही जवानों की हत्याओं का दौर जारी है. पंडित नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक परिस्थिति बदलने की बजाय लगातार बिगड़ती जा रही है.

शिवसेना ने कहा कि इसे कायराना हमला कैसे कह सकते हैं. सामना ने लिखा है, ”आतंकियों ने भारतीय सीमा में घुसकर फौजी अड्डों और सशस्त्र जवानों पर हमला किया. हमारे सैनिकों को शहीद कर दिया नुकसान पहुंचाया ऐसे हमले को कायराना हमला कैसे कह सकते हैं? यह हमला हमारे अति और अतिरिक्त आत्मविश्वास पर किया गया हमला है.”

हमले के बाद देश भर में फैले गुस्से की लहर को लेकर कहा, ”350 किलो आरडीएक्स से भरी कार लेकर आतंकी जवानों के काफिले में घुसकर आत्मघाती हमला किया. देशभर में आक्रोश की लहर फैल गई है. इस लहर से क्या होगा? देश में इस तरह की लहर कभी दुख की होती है तो कभी राजनीतिक जीत की. इन लहरों से न तो कश्मीर का मुद्दा हल हुआ और नहीं जवानों की शहादत रुक पाई.”

सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर शिवसेना ने कहा, ”राजनीतिक विरोधियों पर सर्जिकल अटैक करने के बजाय पाकिस्तान पर हमला कर जवानों के बलिदान का बदला लेने का यह समय है. उरी का हमला भयंकर था उसके मुकाबले पुलवामा का हमला ज्यादा खतरनाक है. जवानों की हत्याएं थम नहीं रहा है. कश्मीर का मुद्दा पहले से और अधिक बिगड़ गया है. भारत सरकार गुड़िया की तरह बैठी हुई है.”

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