छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री मोदी से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने कुल 26 सवाल पुछे?

रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि बीजापुर पहुंचकर इतनी दूर इतने सुरक्षा के इंतजाम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो आयुष्मान बीमा योजना की शुरूआत की है इस योजना से निजी बीमा कंपनी को लाभ पहुंचेगा। जिस तरीके छत्तीसगढ़ में फसल बीमा से किसानो को लाभ नहीं पहुंचा। फसल बीमा कंपनियां जरूर सैकड़ो, हजारो, करोड़ लेकर प्रदेश से चली गयी ऐसी स्थिति स्वास्थ्य बीमा योजना में भी होने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भाजपा सरकार की कोई भी योजना आम लोगो के लिये गरीबो लोगो के लिये लाभ के लिये नहीं होती है।

बड़ी कंपनियों के और पैसों वालो के लिये लाभ के लिये होती है। यह योजना भी इसी का ताजा उदाहरण है। जैसे फसल बीमा में पहुंचा जिस तरह से फसल बीमा के मामले में किसानों को कुछ नहीं मिला अगर मिला तो किसी को 60 रू. किसी को 70 रू. किसान को पूरा फसल का मूल्य मिलना था जब अगर हम गाड़ी का बीमा कराते है और अगर एक्सीडेंट होता है तो गाड़ी की फूल क्लेम में गाड़ी का पूरा दाम मिलता है तो उसी तरह से पूरी फसल की राशि मिलना था। फसल बीमा में ये नहीं हुआ अब स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में भी वहीं साजिश रची जा रही है कंपनियों को फायदा पहुंचाया जायेगा और आम लोगो को फायदा नहीं होगा।

कांग्रेस ने आज 17 सवाल और 9 सवाल कुल 26 सवाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ के धरती में आने से पूछे है नरेन्द्र मोदी ने कवर्धा में कहा था कि परिवाद और वंशवाद भाजपा के खिलाफ है उसी कवर्धा में संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव में मुख्यमंत्री के बेटे अभिषेक सिंह लोकसभा के सदस्य बन गये है क्या यह परिवाद नहीं है धमतरी के सभा में नरेन्द्र मोदी ने 2014 के चुनाव में कहा था कि हम जीरम की जांच करायेंगे और जीरम के गुनहगारों को सजा देंगे नहीं करायेगी एनआईए के जांच की दिशा बदल गयी है। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ और जनता से जुड़े सवालो को सामने रखा है इसके साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की अपने बयान के माध्यम से सामने रखा है।

दरअसल अनुसूचित जाति, जनजाति महासंघ के द्वारा करायें गये बंद और संविधान के स्वरूप से छेड़छाड़ हुयी इन वर्गो में नारजगी है बाबा साहेब अंबेडकर के अनुयायीयों के बीच जाने का साहस मोदी नहीं रखते थे बीजापुर को उन्होंने चुना जहां सुरक्षा के नाम से भारी सुरक्षा व्यवस्था कि जा सके और इसलिये बीजापुर आये बेहतर होता बीजापुर आते तो वो मड़कम हिड़मे, पेद्दागेलूर, सारकेगुड़ा जो की वहां से कुछ ही किमी दूरी पर है उन लोगो के साथ न्याय की घोषणा करते।

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