छत्तीसगढ़राजनीति

मुश्किल में गागड़ा, बीजापुर में भाजपा के सामने एंटीइनकम्बेंसी का डर

-प्रदीप शर्मा

रायपुर।

बस्तर संभाग की बीजापुर सीट पर पिछले तीन चुनाव में कांग्रेस और भाजपा को जीत मिलती आ रही है। वर्तमान में यहां से भाजपा के महेश गागड़ा दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।

अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित बीजापुर विधानसभा सीट पर साल 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राजेंद्र पामभोई को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं भाजपा की ओर से राजाराम टोडम मैदान में थे। इस चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र पामभोई ने बहुकोणीय मुकाबले में भाजपा के राजाराम टोडम को 2721 मतों से हराया। कांग्रेस के राजेंद्र पामभोई को 15917 मत मिले वहीं भाजपा के राजाराम टोडम को 13196 मतों से संतोष करना पड़ा। एनसीपी के प्रीत कन्हैया 12.33 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 6108 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे वहीं सीपीआई के सकनी चंद्ररैया 11.11 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 5505 मत प्राप्त कर चौथे स्थान पर रहे।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए महेश गागड़ा को मैदान में उतारा। भाजपा की ये चाल कामयाब रही और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के महेश गागड़ा ने कांग्रेस के राजेंद्र पामभोई को 10521 मतों से हराया। भाजपा के महेश गागड़ा को 20049 मत मिले वहीं कांग्रेस के राजेंद्र पामभोई को 9529 मतों से संतोष करना पड़ा। बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार दशरथ हेमला 10.35 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 4517 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। सीपीआई चौथे स्थान पर रही।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने पूर्व विधायक महेश गागड़ा को दोबारा मैदान में उतारा, जो अपनी जीत बचा पाने में कामयाब रहे। कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए विक्रम मंडावी को उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में भाजपा के महेश गागड़ा ने बहुकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के विक्रम मंडावी को 9487 मतों से हराया। भाजपा के महेश गागड़ा को 29578 मत मिले वहीं कांग्रेस के विक्रम मंडावी को 20091 मतों से संतोष करना पड़ा।

इस चुनाव में 10.15 प्रतिशत वोट शेयर के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा। सीपीआई के अल्वा मंडावी 8.40 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 5942 मत प्राप्त कर चौथे स्थान पर रहे।

आने वाले चुनाव में बीजापुर में भाजपा को लगातार दो चुनाव में जीत हासिल होने की वजह से एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर का डर सता रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस भाजपा अपना उम्मीदवार बदल सकती है वहीं कांग्रेस का चेहरा कौन होगा, ये आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा।

इस बार बीजापुर में सर्वआदिवासी समाज, आम आदमी पार्टी और जोगी-बसपा गठबंधन भी मैदान में है। ऐसे हालात में बहुकोणीय मुकाबले में भाजपा के सामने अपनी जीत बचाने की चुनौती होगी।

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मुश्किल में गागड़ा, बीजापुर में भाजपा के सामने एंटीइनकम्बेंसी का डर
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