जशपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों का जनाधार खतरे में

रोशन सोनी

जशपुर।

महंगाई को लेकर कांग्रेस द्वारा आहूत बन्द,भाजपा और कांग्रेस दोनो का भविष्य तय करती नजर आ रही है। इस बन्द के दौरान जशपुर जिले में जो कुछ दिखने को मिला इससे यह लगता है कि भाजपा और कांग्रेस दोनो अपने अपने गढ़ों में जनाधार खो चुकी है। कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले पत्थलगांव में बंद का बेअसर चेहरा और भाजपा के गढ़ जशपुर में बंद को मिली भारी सफलता दोनो पार्टियों के खिसकते जनाधार की सीधी तस्वीर दिखा रही हैं।

आपको बता दे कि जशपुर 80 के दशक से भाजपा का अभेद किला माना जाता रहा है और यहां सिवाय भाजपा के कोई भी आंदोलन सफल नही होता लेकिन इस बार जब ठीक चुनाव के वक़्त कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई को लेकर भारत बंद का आह्वान किया तो जशपुर शहर में बंद को भारी सफलता मिली ।

यहां छोटे छोटे दुकानदारों ने भी खुलकर बन्द का समर्थन किया वही 35 सालों तक पत्थलगांव की राजनीतिक सत्ता पर काविज कांग्रेस पत्थलगांव में ही फेल खा गयी।बताया जा रहा है पत्थलगांव शहर में सुबह सुबह दुकानों को बंद कराने की कोशिश की गयी लेकिन इनकी सारी कोशिशें धरी की धरी रह गयीं।

इसके साथ~साथ छोटे तो छोटे बड़े व्यापारियों ने भी इनके बन्द का समर्थन नही किया। व्यापारी दुकान खोलकर बैठे रहे। बहरहाल,आज की तस्वीर से यह साफ जाहिर होता है कि भाजपा हो या कांग्रेस दोनो पार्टियों को उनके गढो में लोगो ने पूरी तरह नकार दिया है।

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