‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले- “खेलों के प्रति लगन ही मेजर ध्यानचंद को सच्ची श्रद्धांजलि”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 80वां एपिसोड था। पीएम मोदी ने इस दौरान मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती के मौके पर याद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 80वें एपिसोड में राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती के मौके पर याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि “आज देश में खेलों के प्रति बच्चों तथा उनके अभिभावकों दोनों में रुचि बढ़ रही है। खेलों के प्रति लगन ही हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिनकी आज जयंती भी है।”

बताना चाहेंगे कि मेजर ध्यानचंद की जयंती को खेल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें शुरुआत में ही याद किया और कहा कि ओलंपिक में देश के बेटे-बेटियों ने अपने प्रदर्शन से खेल में एक बार फिर जान फूंक दी है। मेजर ध्यानचंद जी की आत्मा जहां कहीं भी होगी, वह इन्हें देखकर प्रसन्न हो रहे होंगे। आज माता-पिता स्वयं अपने बच्चों को आगे आकर खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। खेलों के प्रति लगन ही मेजर ध्यानचंद को सच्ची श्रद्धांजलि है।

देश की परंपरा को जानें और विरासत को आगे बढ़ाएं

पीएम मोदी ने कृष्ण जन्माष्टमी की देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए देश की परंपरा को आगे ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने देशवासियों से यहां मनाए जाने वाले पर्वों के महत्व को जानना, जीना और देश की विरासत को भी आगे ले जाने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें देश की परंपरा से जुड़े पर्वों को मनाना चाहिए और उनमें छिपे संदेश को समझकर उसे आगे ले जाना चाहिए। इसमें काल बाह्य (समय के साथ अनावश्यक हो चुकी) विषयों को छोड़ देना है और कालातीत (हर समय में महत्व रखने वाली) विषयों को आगे ले जाना चाहिए।

देश का युवा मन सर्वश्रेष्ठ करना चाहता है

पीएम मोदी ने कहा कि आज का युवा मन बने बनाए रास्तों पर चलना नहीं चाहता है। वह नया रास्ता बनाना चाहता है। दरअसल, देश का युवा मन अब सर्वश्रेष्ठ की तरफ अपने आपको केंद्रित कर रहा है। वह सर्वोत्तम करना चाहता है और सर्वोत्तम तरीके से करना चाहता है। यह राष्ट्र की बहुत बड़ी शक्ति बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि युवा नए रास्ते बनाना चाहते हैं। मंजिल भी नई, लक्ष्य भी नए, राह भी नई और चाह भी नई। युवा एक बार मन में ठान लेता है और उस कार्य में जी-जान से जुट जाता है। उन्होंने कहा कि युवा दिन-रात मेहनत कर रहा है।

युवाओं के बलबूते छोटे-छोटे शहरों में हो रहा ‘स्टार्ट-अप कल्चर’ का विस्तार

आगे जोड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, हम देखते हैं कि अभी कुछ समय पहले ही भारत ने अपने स्पेस सेक्टर को खोला तो देखते ही देखते युवा पीढ़ी ने उस मौके को पकड़ लिया। उसका लाभ उठाने के लिए नौजवान बढ़-चढ़कर आगे आए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पक्का भरोसा है कि आने वाले दिनों में बहुत बड़ी संख्या ऐसे सैटेलाइट्स की होगी, जिसको लेकर हमारे युवाओं ने, हमारे छात्रों ने, कॉलेज और विश्वविद्यालयों ने, प्रयोगशाला में काम करने वाले छात्रों ने काम किया होगा। आगे उन्होंने कहा कि आज हर परिवार में नौजवान परंपराओं से हटकर यह कहता है कि मैं स्टार्ट-अप करूंगा। आज छोटे-छोटे शहरों में भी स्टार्ट-अप कल्चर का विस्तार हो रहा है। मैं उसमें उज्ज्वल भविष्य के संकेत देख रहा हूं।

दुनिया में भारत के खिलौनों को पहचान दिलाने में भी जुटे युवा

प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही हमारे देश में खिलौनों की चर्चा हो रही थी। जब हमारे युवाओं के ध्यान में यह विषय आया तो उन्होंने भी मन में ठान लिया कि दुनिया में भारत के खिलौनों की पहचान बने। वे नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में खिलौनों का बाजार 6-7 लाख करोड़ रुपए का है। आज भारत का हिस्सा बहुत कम है। लेकिन खिलौने कैसे बनाना है और खिलौने की विविधता क्या हो, उसकी तकनीक क्या हो, बच्चों के मनोविज्ञान के अनुरूप खिलौने कैसे हों, इन बातों पर आज हमारे देश का युवा ध्यान केन्द्रित कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का युवा मन अब सर्वश्रेष्ठ की तरफ अपने आपको केन्द्रित कर रहा है।

स्वच्छता पर दिया विशेष जोर

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए सबके प्रयास हमें प्रेरणा देते हैं। हम यह जानते हैं जब भी स्वच्छ भारत का नाम आता है तो इंदौर का नाम आता ही आता है। इंदौर कई वर्षों से स्वच्छ भारत की रैंकिंग में शीर्ष पर बना हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट काल में मुझे स्वच्छता को लेकर जितनी बात होनी चाहिए थी, उसमें कुछ कमी रह गई। पीएम मोदी ने कहा कि इंदौर के नागरिकों ने नालियों को सीवर लाइंस से जोड़ा है। स्वच्छता अभियान भी चलाया है। इस वजह से सरस्वती और कान नदी में गिरने वाला गंदा पानी काफी कम हुआ है।

तमिलनाडु में कचरे से बन रही बिजली

पीएम मोदी ने बताया कि तमिलनाडु के शिवगंगा जिले की काजिरंगा पंचायत ने वेस्ट से वेल्थ के मॉडल का उदाहरण पेश किया है। यहां पंचायत ने स्थानीय लोगों के साथ कचरे से बिजली बनाने का एक लोकल प्रोजेक्ट अपने गांव में लगाया है। पूरे गांव से कचरा एकत्रित होता है। उससे बिजली बनती है। बाद में बचे हुए प्रोडक्ट को कीटनाशक के तौर पर बेच दिया जाता है। यह हमारे देशवासियों को प्रेरित करता है।

संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार करने वालों की जमकर की तारीफ

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा, हमारी संस्कृत भाषा सरस भी है, सरल भी है। संस्कृत अपने विचारों, अपने साहित्य के माध्यम से ये ज्ञान विज्ञान और राष्ट्र की एकता का भी पोषण करती है, उसे मजबूत करती है। संस्कृत साहित्य में मानवता और ज्ञान का ऐसा ही दिव्य दर्शन है, जो किसी को भी आकर्षित कर सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी विरासत को बचाना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों को बताना हमारा कर्तव्य है।

विश्वकर्मा पूजा पर दें कुशल कामगारों को सम्मान, नवाचार ही सच्ची पूजा

पीएम मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में निर्माण और कौशल के देवता विश्वकर्मा जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि हमें कुशल कामगारों को सम्मान देना चाहिए। उनके हुनर के चलते हमारा जीवन-यापन आसान बना हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि सच्चे अर्थों में विश्वकर्मा पूजा तभी सफल होगी जब हम कौशल को सम्मान देंगे और नवाचार को प्रयासरत होंगे। हमारी परंपरा ने विश्वकर्मा जयंती के माध्यम से जनसामान्य को कौशल का महत्व समझाया है। दुनिया में नवाचार और विकास, कौशल के माध्यम से ही संभव हो पाता है।

उन्होंने कहा कि गुलामी के लम्बे कालखंड में हुनर को सम्मान देने की विरासत कहीं खो गई है। ऐसे में हमें आस्था के साथ विश्वकर्मा जयंती पर संदेश के तौर पर इस बात को समझना होगा। हम कौशल के महत्व को समझेंगे और उसे सम्मान देंगे।

दवाई भी कड़ाई भी

पीएम मोदी ने कहा कि हमें एक बात और याद रखनी है, दवाई भी और कड़ाई भी। देश में करीब 62 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। फिर भी हमें सतर्कता रखनी है। और हां, हमेशा की तरह आप जब भी कुछ नया करें कुछ नया सोचें तो उसमें मुझे जरूर शामिल करिएगा। मुझे आपके पत्र और मैसेज का इंतजार रहेगा। आने वाले पर्वों की बधाई।

इससे पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 79वें संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो ओलंपिक पर चर्चा की थी। याद हो उस दौरान उन्होंने कहा था कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय खिलाड़ियों को तिरंगा लेकर चलते देखकर पूरा देश रोमांचित हो उठा था।

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