नहीं पहुंची कई गांवों में स्वास्थ्य विभाग की ‘मेडिकेटेड मच्छरदानी’

कोरबा।

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य कोरबा जिले में बारिश के शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया का खतरा बढ़ गया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क वितरण किया जा रहा मेडिकेटेड मच्छरदानी कई गांवों तक नहीं पहुंचा है.

इस दौरान बारिश में मच्छरों के काटने से बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरण करने का दावा कर रहा है. इधर, ग्राम गिधौरी के ग्रामीण कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग ने जल्द ही मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरण करने की मांग की है.

गौरतलब है कि बारिश के साथ ही कोरबा, करतला, पोड़ी उपरोड़ा, पाली और कटघोरा ब्लॉक में मलेरिया की शिकायत बढ़ जाती है. लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरण कर मच्छर से बचने मच्छरदानी के उपयोग की सलाह ग्रामीणों को देते हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक उनके गांव में मच्छरदानी का वितरण नहीं हुआ है. चारों तरफ गंदगी का आलम है, जिसे साफ नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी इन्हीं सब समस्याओं को लेकर कोरबा सीएमएचओ से मिलने आए थे.

वहीं मामले में कोरबा सीएमओचओ डॉ. पी. एस. सिसोदिया ने कहा कि जिले में मलेरिया का रोकथाम तीन स्तर पर किया जा रहा है. पहले स्तर में मच्छरदानी वितरण का कार्य किया जा रहा है. 5 लाख लोगों को ये मच्छरदानी बांटने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद बाकी के दो स्तर पर भी काम किया जाएगा.

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