देखरेख के अभाव में शासकीय अनुसूचित जनजाति के बच्चे बीमार से ग्रसित

जैजैपुर: शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम गुचकुलिया में यह देखने मे आया की वहां के बच्चे को दाद ,खाज ,खुजली की परेशानी हो रही है जब वहां के अधीक्षक मयंक चंद्रा से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि यहां पर डॉक्टर इलाज करने नहीं आते हैं।

जिनकी वजह से यहां के बच्चों को दाद, खाज ,खुजली की बीमारी हो रही है जिससे उन्हें भोजन करने में काफी परेशानी हो रही है जब आश्रम अधीक्षक मयंक चंद्रा से संपर्क किया गया तो, उन्होंने बताया कि यहां पर 40 विद्यार्थी अध्यनरत है लेकिन सूत्रों का कहना है कि यहां पर 50 से 55 विद्यार्थियों की दर्ज संख्या बताई जाती है..

In the absence of supervision, the children of the scheduled Scheduled Tribe suffer from ill

और चंद्रा ने हमें जानकारी देने से मना भी किया उन्होंने कहा कि संभाग आयुक्त के निर्देश अनुसार आप लोगों को मैं किसी प्रकार से जानकारी नहीं दे सकता दूसरे दिन मैं आप लोगों को जानकारी दे पाऊंगा इससे साफ जाहिर होता है कि अधीक्षक के देखरेख के अभाव में इन पढ़ने वाले पहली से लेकर आठवीं के बच्चों को भी दाद, खाज ,खुजली की परेशानी बढ़ गई..

वहीं पर बच्चे बीमार पड़ने पर वहां पर कोई डॉक्टर इलाज के लिए नहीं पहुंचता इससे साफ जाहिर होता है कि यहां पर किसी प्रकार का निरीक्षण का कार्य अधिकारियों के द्वारा नहीं होने से बच्चे काफी परेशान हैं ,हो सकता है कि इनके भोजन में भी संतुलित मात्रा में भोजन नहीं दिया जाता होगा जिसके वजह से बच्चे को पानी के कारण दाद ,खाज, खुजली की बीमारी हो गई है।

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