एटीएम बूथों में कोलकाता के गिरोह ने लगा रखे हैं स्केनर, ऐसे निकाल रहे हैं रकम

अंकित मिंज

बिलासपुर।

शहर के एटीएम बूथों में कोलकाता के गिरोह ने स्कैनर डिवाइस लगाकर कई लोगों के एटीएम और पिन की गोपनीय जानकारी अपने पास रखी ली है। अब वे एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर कोलकाता के एटीएम से रकम निकाल रहे हैं। शहर में रहने वाले 3 व्यक्ति ठग गिरोह का शिकार हो चुके हैं। लोगों के खातों से कोलकाता स्थित एटीएम से गिरोह के सदस्य रकम निकाल रहे हैं।

मोबाइल पर कॉल कर एटीएम कार्ड रिनिवल, ब्लॉक, आधार कार्ड से लिंकअप करने का झांसा देकर एटीएम कार्ड का 16 डिजिट का नंबर पूछकर खाते से रकम पार करने वाले गिरोह का लोगों को ठगी का शिकार करने का सिलसिला जारी है। बैंक अधिकारी बनकर ठग गिरोह लोगों को विश्वास दिलाकर रकम निकलने में सफल भी हो रहे हैं।

अधिकांश एटीएम फ्रॉड के मामले में ठग गिरोह ने आनलाइन ठगी की है, लेकिन वर्तमान में ठग गिरोह ने नई तरकीब निकली है। शहर वासियों के मोबाइल पर कॉल किए बिना और एटीएम कार्ड व खाते की जानकारी लिए बिना ही दूसरे प्रदेशों में एटीम बूथ से रकम पार कर रहे हैं। यह पहली बार हुआ है जब ठग गिरोह ने एटीएम के सिस्टम समेत बैंक अधिकारियों को हिलाकर रख दियाहै। बैंक अधिकारी भी समझानहीं पा रहे हैं। कि दूसरे प्रदेश में एटीएम बूथ से शहर के लोगों के खातों से रकम कैसे निकाली जा रही है।

एकाउंट हैक कर खाते से रकम निकलने वाला ठग पुलिस के हाथ लगा

एकाउंट हैक कर रकम निकलने वाले शातिर ठगी के आरोपी को पुलिस ने मध्यप्रदेश के कान्हा किसली से पकड़ा है। आरोपी ने रायपुर में रहने वाले विद्युत विभाग के अधिकारी के खाते से 9 लाख 45 हजार रुपए पार किए थे। आरोपी के कब्जे से 8 लाख रुपए बरामद किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। एएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि नया रायपुर निवासी सुनील कुमार जैन पिता मोतजीलाल जैन विद्युत विभाग में कार्यपालन अभियंता है। तिफरा स्थित एसबीआई में उनका खाता है।

खाते से एसबीआईइंदौर का दूसरा खाता लिंकअप है। 6 दिसंबर को सुनील ने बैंक स्टेटमेंट निकाला तब उन्हें पताचला कि उनके खाते से ठग ने 9 लाख 45 हजार रुपए निकाल लिए हैं। बैंक अधिकारियों ने खाते से रकम ट्रांसफर होने वाले खाता धारक का रिकार्ड निकाला, जिससे पता चला कि मध्यप्रदेश सागर निवासी अभिषेक जैन ने ईई सुनील के खाते से अपने खाते में रकम ट्रांसफर की थी। बैंक अधिकारियों ने अभिषेक का खाता होल्ड कर दिया था। इसी बीच अभिषेक ने सुनील के मोबाइल पर काल कर बताया कि उसने साढ़े 9 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर किए है।

अभिषेक ने शिकायत पुलिस से नहीं करने की बात कहते हुए उन्हें रकम वापस करने की बात कही थी। सुनील ने उससे रकम ट्रांसफर करने का तरीका पूछा तो उसने जानकारी देने से इनकार कर दिया था। क्राइम ब्रांच और सिरगिट्टी पुलिस आरोपी की तलाश करते मध्यप्रदेश सागर पहुंची, जहां पता चला कि आरोपी कान्हा किसली में छिपा है। टीम ने कान्हा किसली से आरोपी को पकड़ा। उसके कब्जे से नगर 8 लाख रुपए बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस पूछताछ कर रही है।

नया सिम खरीद निकाली रकम

आरोपी अभिषेक जैन ने पुलिस को बताया कि उसने नया सिम खरीदा था। नए सिम का आईएमईआई नंबर सेल्युलर कंपनी के टोलफ्री नंबर पर भेजा था। नए सिम में उसने ईई सुनील का मोबाइल नंबर डाला था। कंपनी ने 2.3 प्रोसेस के बाद ईई का नंबर अभिषेक के नए सिम में भेज दिया था। अभिषेक ने ईई सुनील के मोबाइल नंबर से उसके द्वारा किए गए आनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी निकाली तिफरा स्थित एसबीआई में बैंक खातों की जानकारी निकाली।

ईई के डूप्लीकेट नंबर से उसका एकाउंट हैक किया। ईई के खाते से रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर करने आवेदन किया। ओटीपी नंबर मिलने के बाद उसने अपने खाते में रकम ट्रांसफर कर ली थी।

एटीएम बूथ के कैमरे से होगी आरोपी की पहचान: बिलासपुर बैंकर्स क्लब के समन्वयक ललित अग्रवाल ने बताया कि एटीएम बूथ से सिर्फ प्रिंसपल एटीएम कार्ड और एड ऑन एटीएम कार्ड से ही रकम निकाली जा सकती है। खाता धारक से जानकारी लिए बिना और दूसरे एटीएम कार्ड के जरिए दूसरे प्रदेश में रकम निकालने का मामला पूरी तरह से नया है। ऐसा मामला पहले कभी सामने नहीं आया है।

नए तरीके के एटीएम फ्रॉड करने वालों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग ही सहयोग कर सकती है। जिस समय एटीएम बूथ से रकम निकाली गई है उसका सीसीटीवी फुटेज देखने पर आरोपी की पहचान होगी। आरोपी को पकडऩे के बाद ही फ्रॉड के तरीके का पता चल पाएगा।

सुरक्षा कर्मी वाले एटीएम बूथ सुरक्षित

एएसआई हेमंत ने बताया कि ठग गिरोह के सदस्य शहर के ऐसे एटीएम बूथों में एटीएम मशीन में स्कैनर डिवाइस लगाते हैं, जहां आमतौर पर सुरक्षा कर्मी नहीं होते। शहर वासी पैसे निकालने के लिए किसी भी एटीएम का उपयोग कर लेते हैं। वर्तमान में जिस एटीएम बूथ में सुरक्षा कर्मी तैनात हैं वहां स्कैनर डिवाइस लगाने की संभावना कम होती है।

एड ऑन कॉर्ड से निकाली जा सकती है रकम

ग्राहकों को बैंक एटीएम कार्ड उपलब्ध कराती है। एक ही खाते से रकम निकलने के लिए ग्राहको को दो एटीएम कार्ड उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जिसमें पहला कार्ड प्रिंसपल और दूसराकार्ड एड ऑन एटीएम कार्ड होता है। एड ऑन एटीएम कार्ड और प्रिंसपल कार्ड से एक ही पिनकोड नंबर से एटीएम बूथों से रकम निकाली जा सकती है। एटीएम बूथों में स्कैनर

डिवाइस से हो रहे हैं फ्रॉड

साइबस सेल के एएसआई हेमंत आदित्य ने बताया कि लोगों के खातों से दूसरे प्रदेशों के एटीएम बूथों से रकम निकलने का काम एटीएम का क्लोन बनाकर ही किया जा सकता है। ठग गिरोह शहर आने के बाद उन एटीएम बूथों में स्कैनर डिवाइस मशीन लगाते हैं जहां आमतौर पर सुरक्षा कर्मी या चौकीदार नहीं होते। स्कैनर डिवाइस मशीन में स्पाई कैमरा छिपा होता है। एटीएम मशीन से लोग जब रकम निकालते हैं तब स्पाई कैमरे में लेनदेन, एटीएम कार्ड और पिन नंबर को रिकार्ड हो जाती हैं।

शहर के इन तीन लोगों के खातों से निकाली गई रकम

केस-1: एटीएम बूथ से पैसे निकालने के बाद व्यापारी घर पहुंचा तो उसे पता चला कि कोलकाता के लेक टाउन ई कार्नर एटीएम से उसके खाते से 35 हजार रुपए ठग ने निकाल लिए हैं। शिकायत पर कोतवाली पुलिस के अनुसार दयालबंद टिकरापारा निवासी सुजीत केसरी पिता रजनीकांत केसरी सीमेंट व पाइप के व्यापारी हैं। 16 दिसंबर को दयालबंद स्थित एटीएम से 2 हजार रुपए निकाले थे।

रात करीब 3 बजकर 28 मिनट पर उनके मोबाइल 9827156086 पर रकम निकलने का मैसेज आया। जिसमें पहली बार में 15 हजार, दूसरी बार में 10 तीसरी बार में 5-5 हजार रुपए ( कुल 35 हजार रुपए ) निकाले गए थे। रकम कोलकाता के लेक टाउन स्थित ई कार्नर से निकाला गया था। सुजीत को खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई। सुजीत ने बैंक मेंसे शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज किया।

केस-2ः लालखदान निवासी दयाराम माकड़े का तितली चौक एसबीआई शाखा में खाता है। 20 दिसबर को खाते से पश्चिम बंगाल कोलकाता स्थित बेलीगेज स्थित इंडूसेंड बैंक और एसबीआई एटीएम बूथ से 5 बार में 57 हजार ठग ने निकाले थे। दयाराम ने एटीएम कार्ड का नंबर दूसरे व्यक्ति को नहीं बताया था और न ही एड ऑन एटीएम कार्ड बनवाया था। उनके मोबाइल पर किसी व्यक्ति ने कॉल कर एटीएम और खाते से संबंधित जानकारी भी नहीं ली थी।
केस-3: टिकरापारा निवासी संतोषी का दयालबंद पीएनबी में खाता है। 20 दिसंबर को 25 हजार रुपए निकालने का मैसेज आया था। 3 बार में रकम पश्चिम बंगाल कोलकाता के उत्तर पनचान स्थित एटीएम बूथ से निकाली गई थी।

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