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आने वाले दिनों में 100 रुपये के पार पहुंच सकता है रिटेल मार्केट में प्याज के दाम

अच्छी प्याज का बाजार भाव 6 हजार 802 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी में सोमवार को अच्छी प्याज का बाजार भाव 6 हजार 802 रुपए प्रति क्विंटल तक हो गया. बीते दिनों से महाराष्ट्र के कई इलाको में भारी बारिश जारी है. इसके कारण खेतों में प्याज की फसल खराब हो गई है जिसके कारण प्याज के भाव आसमान पर पहुंच रहे हैं.

कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में रिटेल मार्केट में प्याज के दाम 100 रुपये के पार पहुंच सकते हैं. आखिर क्यों महंगा हो रहा है प्याज? देश के सबसे बड़ी प्याज की मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में सोमवार को अच्छी प्याज का बाजार भाव 6 हजार 802 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया.

अंग्रेजी के अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के कई इलाको में भारी बारिश हो रही है. इसके चलते खेतों में प्याज की फसल बर्बाद हो गई है, जिसकी वजह से प्याज के भाव आसमान पर पहुंच रहे हैं.

2000 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हुआ प्याज

बता दें 14 अक्टूबर को प्याज व्यापारियों के यहां इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई हुई थी. इसके बाद मंडी में व्यापारी नहीं आ रहे थे. यानी मंडी में कारोबार बंद हो गया था, लेकिन सोमवार को जैसे ही मंडी खुली, प्याज के दाम में 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गए. कर्नाटक में हुई बारिश का भी पड़ा असर इसके अलावा कर्नाटक में भी हुई बिना मौसम बारिश की वजह से प्याज की आपूर्ति में कमी देखने को मिली है, जिसका सीधा असर कीमतों पर देखने को मिल रहा है.

जानिए कितना था अच्छे और खराब किस्म के प्याज का भाव

बता दें लासलगांव में सोमवार को कमाल किस्म की प्याज के भाव 6802 रुपए प्रति क्विंटल, सरासरी किस्म के भाव 6200 रुपए और खराब किस्म की प्याज के भाव 1500 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किए गए. तीन सीजन में होती है प्याज की खेती भारत में प्याज की खेती के तीन सीजन है. पहला खरीफ, दूसरा खरीफ के बाद और तीसरा रबी सीजन. खरीफ सीजन में प्याज की बुआई जुलाई अगस्त महीने में की जाती है. खरीफ सीजन में बोई गई प्याज की फसल अक्टूबर दिसंबर में मार्केट में आती है. प्याज का दूसरे सीजन में बुआई अक्टूबर नवंबर में की जाती है. इनकी कटाई जनवरी मार्च में होती है. प्याज की तीसरी फसल रबी फसल है. इसमें दिसंबर जनवरी में बुआई होती है और फसल की कटाई मार्च से लेकर मई तक होती है. एक आंकड़े के मुताबिक प्याज के कुल उत्पादन का 65 फीसदी रबी सीजन में होती है.

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