मेडिकल के क्षेत्र में प्रदेश के इस हॉस्पिटल ने जोड़ा नया अध्याय

छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ लीवर ट्रांसप्लांट

मेडिकल के क्षेत्र में प्रदेश के इस हॉस्पिटल ने जोड़ा नया अध्याय

रायपुर : मेडिकल साइंस के क्षेत्र में प्रदेश इतनी तरक्की कर रहा है की अब यहाँ के लोगों को अपने ही शहर में किडनी ट्रांसप्लांट , हार्ट सर्जरी की सुविधा मिल रही है. इसी कड़ी में प्रदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है.

यहाँ राजधानी रायपुर में स्थिति श्रीबालाजी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल मोवा में डॉक्टरों की टीम ने लीवर ट्रांसप्लांट कर इस नई चुनौती को स्वीकार कर अपनी कुशल दक्षता का परिचय दिया है . डाक्टरों के मुताबिक पिछले 7 सालों से लीवर की परेशानी से जूझ रहे 45 वर्षीय सुदामा वर्मा को उनकी पत्नी छटनी देवी ने लीवर का हिस्सा डोनेट कर अपने पति की जान बचाई है .

डॉक्टरों की टीम ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अपनी पूरी एनर्जी लगा दी थी . करीब 20 घंटे चले इस आपरेशन के बाद मरीज की 336 घंटे और 40 डॉक्टरों की टीम के सतत निगरानी और देखभाल के बाद आखिरकार इतनी बड़ी सफलता मिली है.

जानकारी के प्रदेश में लीवर ट्रांसप्लांट का ये पहला केस है जिसकों किया गया है इसके साथ ही ये पहली दफा है जब एक किडनी वाले किसी व्यक्ति का लीवर ट्रांसप्लांट किया गया है. गौरतलब है की देश में कुछ एक ही ऐसे शहर है जहाँ पर लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा हैं ऐसे में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लीवर ट्रांसप्लांट होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है.

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