रायपुर की टीम एस्ट्रा पहुंची शेल ईको-मैराथन 2018 के अंतिम चरण में

रायपुर की टीम एस्ट्रा पहुंची शेल ईको-मैराथन 2018 के अंतिम चरण में

रायपुर । टीम एस्ट्रा, नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर के 10 छात्रों का समूह है। शेल ईको-मैराथन एशिया 2018 (एसईएम) में प्रतिभागिता करने और दूसरे चरण के लिए क्वालीफाई करने वाली 12 टीमों में से एक हैं। इसमें चुनी गई टीमें सिंगापुर जाकर एसईएम के अंतिम चरण में हिस्सा लेंगी। वे विश्व के अन्य हिस्सों से आई ऐसी ही टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए विश्व के सबसे अधिक ऊर्जा दक्ष वाहन डिजाइन करने के साथ ही उसका निर्माण, परीक्षण और ड्राइव करके दिखाएंगे।

टीम ने बनाया इलेक्ट्रिक वाहन : टीम एस्ट्रा, इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणी में प्रोटोटाइप डिजाइन कर रही है और उम्मीद है कि यह करीब 100 किलोमीटर प्रति यूनिट का माइलेज देगा। इस प्रोटोटाइप में बैटरी में स्टोर की गई ऊर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल वाहन को आगे बढ़ाने के लिए करने पर जोर दिया गया है। टीम का मुख्य उद्देश्य वाहन में होने वाले ऊर्जा नुकसान को कम से कम करना है, जिसमें एयरोडाइनैमिक, रोलिंग रेसिस्टेंस, शेशे और ड्राइव ट्रेन नुकसान भी शामिल है।

छात्रों की इस टीम का विश्वास है कि एसईएम के जरिए उनके पास मोबिलिटी को ज्यादा सतत और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में योगदान देने का अवसर मिला है। आमतौर पर लोगों के बीच यह अवधारणा बनी हुई है कि भारतीय टीमें एसईएम में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और अथक प्रयासों के जरिए टीम इस अवधारणा को तोड़कर सिंगापुर में होने वाले एसईएम 2018 के आखिरी चरण में पहुंचने पर पूरा ध्यान दे रही है।

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