शासकीय कार्यो में सुरक्षा नियमों की उड़ रही धज्जियां, विद्युत ठेकेदार कर रहा गरीब मजदूरों के जान से खिलवाड़, जिम्मेदार कौन ???

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: रायगढ सरकारी योजनाओं में संवेदक द्वारा सुरक्षा नियमों को किस कदर नजरअंदाज कर काम कराया जा रहा है इसका जीता जागता उदाहरण हमें बरमकेला विकासखंड के ग्राम पंचायत नदीगांव में देखने को मिला। जहां जांजगीर चांपा के विद्युत ठेकेदार द्वारा गरीब मजदूरों के जान से खिलवाड़ कर बिना सुरक्षा उपकरणों के विद्युत खंभों में तार खींचने का काम किया जा रहा है।

● जाने क्या है पूरा मामला

बरमकेला विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नदीगांव में विद्युत खंभों पर लाइन खींचने का काम किया जा रहा है। जहां उक्त खंभों में वायरिंग का काम चांपा के ठेकेदार रामगोपाल सोमामी ने लिया है और पेटी कांट्रेक्ट मे बिलासपुर के हीरालाल नामक व्यक्ति को सुपर्वाइजर रखा गया है। तथा विगत एक माह से बरमकेला ब्लॉक में जांजगीर चांपा व बिलासपुर के लगभग 17 मजदूर उक्त ठेकेदार के अधीन काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को भी दोपहर लगभग 3:00 बजे तेज दुपहरी में गरीब मजदूरों द्वारा खंभों में चढ़कर तार खीचने का कार्य देख एकबारगी के लिए हम दंग रह गए हमारे चौंकने की वजह एक तो तेज धूप और ऊपर से इतनी 30-40 फुट की ऊंचाई पर काम कर रहे मजदूरों के पास ना तो किसी प्रकार का सेफ्टी बेल्ट था, ना हाथों में ग्लब्स थे, हमने तत्काल रुक कर अपने कैमरे में सारा दृष्टांत रिकॉर्ड कर लिया तथा काम कर रहे मजदूर से पूरी जानकारी ली काम कर रहे मजदूर ने बताया कि वह लगभग एक माह से बरमकेला अंचल में काम कर रहे हैं तथा जांजगीर-चांपा के निवासी हैं और उक्त कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट में चांपा के ही ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। हमने सुरक्षा की दृष्टि से काम कर रहे मजदूरों को ठेकेदारों से उपलब्ध कराए गए सेफ्टी बेल्ट के विषय में पूछने पर मजदूरों द्वारा कही बातें सुनकर आंखें भर आई मजदूरों ने बताया कि साहेब हम गरीब मजदूर हैं। परिवार का पालन पोषण करने के लिए कार्य कर रहे हैं। हमें भी अपनी जान का डर है तथा ठेकेदार को कई मर्तबा सेफ्टी बेल्ट हेलमेट ग्लव्स एवं अन्य सुरक्षा जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने हेतु कहने के बावजूद भी ठेकेदार द्वारा अनसुना कर दिया जाता है। आखिर हम मजदूर करें तो करें क्या पापी पेट की भूख मिटाने और परिवार पालने के लिए जान हथेली पर लेकर खतरों से खेलते हैं।

● गरीब मजदूरों के जान से खिलवाड़ कर रहा बिजली ठेकेदार,बिना सुरक्षा उपकरण के जान जोखिम में डालकर करा रहे काम,,,

बरमकेला क्षेत्र के ग्राम पंचायत नदीगाँव में बिजली ठेकेदार द्वारा ग्रामीण मजदूरों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते देखा जा रहा है। और बिजली खंभों में तार खींचने का काम वर्तमान में चल रहा है। ठेकेदार द्वारा मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के उंचे उंचे खम्भों पर चढ़ाया जा रहा है। मजदूर अपने जान जोखिम में डालकर ठेकेदार का काम कर रहे हैं। मजदूर करें तो क्या करें बेचारा अपने पेट और परिवार के भरण पोषण के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। हम आपको बता दे कि बिजली विभाग द्वारा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में नये लाईन बिछाने का काम ठेके पर कराया जा रहा हैं जिसमें काम करने वाले ग्रामीण मजदूर अपने जान जोखिम में डालकर बिजली खम्भे में बिना किसी भी सुरक्षा उपकरण के चढ़कर काम करते हैं। काम करते वक्त मजदूर से अगर थोड़ी सी भी गलत या लापरवाही हो जाती है तो मजदूर की जान भी जा सकती है। ये सब जानते हुए भी विद्युत विभाग के ठेकेदार द्वारा मजदूरों को कोई सुरक्षा उपकरण नहीं देना अपने आप में भारी लापरवाही हैं। जबकि ठेकेदार को मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट सहित अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण सभी मजदूरों को देना चाहिए ताकि किसी मजदूर से किसी प्रकार की कोई दुर्घटना न घट पाये। शासन के नियमानुसार बिजल विभाग में काम करने वालों को आईटीआई करना अनिवार्य होता है। लेकिन बिजली विभाग में काम करने वाले ठेकेदार के पास अधिकत्तर मजूदर आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है। लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र सहित नगरीय क्षेत्र में नये बिजली कनेक्शन के लिए लगाये जा रहे खम्भे एवं बिजली तार खिंचते समय किसी भी प्रकार की सुरक्षा उपकरण का उपयोग मजदूरों द्वारा नहीं किया जाता है। जिससे कभी भी किसी मजूदर की जान जा सकती है। जबकि विद्युत विभाग और ठेकेदार के बीच हुए एग्रीमेंट मजदूरों को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने का स्पष्ट उल्लेख होता है किंतु विडंबना ही कहिए कि मजदूरों को सुरक्षा उपकरण ठेकेदार उपलब्ध नहीं कराते और जिम्मेदार विभाग काम कर रहे मजदूर को उपलब्ध कराए जाने वाले सुरक्षा उपकरणों की जांच भी नही करते हैं। ऐसी स्थिति में अगर कोई दुर्घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?? बिना सुरक्षा उपकरणों के कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी है मगर गरीब मजदूर के जान की फिकर ना तो ठेकेदार को है, ना विद्युत विभाग को,भारत सम्मान टीम नदीगांव में चल रहे विद्युत कार्य में सुरक्षा मानकों में अनदेखी का जायजा लिया। इस दौरान सिर्फ यही नजर आया कि गरीब मजदूर के जान की परवाह किसी को नही है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लापरवाह ठेकेदार पर कड़ी कार्यवाही करें ताकि किसी गरीब ग्रामीण आदिवासी मजदूर की जान बच सकें।

काम कर रहे 17 मजदूरों में से एक मजदूर नाबालिक है जिसकी उम्र महज 17 वर्ष है इस तरह बिना सुरक्षा उपकरणों के नाबालिग से भी काम कराया जा रहा है। जो कि बाल श्रम कानून का खुला उल्लंघन है।

● बिना अनुमति हरे भरे वृक्षों की कटाई

ग्राम पंचायत नदी गांव में विद्युत पोल में तार वायरिंग करने के लिए दर्जनों हरे-भरे वृक्षों को काटा जा रहा है मगर पेड़ काटने के लिए ना तो वन विभाग से किसी प्रकार की विधिवत अनुमति ली गई है नाही वन विभाग को पेड़ काटने के संबंध में जानकारी दी गई है। जबकि इस तरह हरे भरे वृक्षों को काटने के लिए नियम अनुसार वन विभाग से अनुमति लेनी होती है जोकि सीधे डीएफओ कार्यालय से उपलब्ध होती है।

● क्या है नियम और जाने जरूरी सुरक्षा उपकरण

बिजली सुधार अथवा खंभों में चढ़कर वायरिंग का काम करने वाले मजदूरों के पास सुरक्षा के लिहाज से हाथों में पहनने वाले लायलोन के लांग ग्लब्स,लांग बूट,हेलमेट,कैप,टैस्टर,टार्च, सेफ्टी बेल्ट,सीढ़ी और सुती कपड़े पहनना जरुरी है।

बहरहाल अब देखना यह लाजमी होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद विद्युत विभाग और जिला प्रशासन गरीब मजदूरों की जान से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह ठेकेदार के ऊपर क्या कार्रवाई करती है।

Tags
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button