जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई आज

नई दिल्ली: जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ) परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में आज शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट फैसला करेगा. इस मामले में मुख्य रूप से पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को दोषी पाया गया.

इससे पहले पिछली सुनवाई में शुक्रवार को कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दिल्ली सरकार से नहीं मिल पाई थी. पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित डीसीपी को तलब किया था.

कोर्ट ने डीसीपी को रिपोर्ट के साथ शनिवार अदालत में पेश होकर बताने को कहा था कि अब तक दिल्ली सरकार से केस चलाने के लिए मंजूरी क्यों नहीं मिली और बगैर मंजूरी के दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल क्यों की?

पिछली सुनवाई में पुलिस की तरफ से अदालत को बताया गया था कि अभी तक मुकदमा चलाने की मंजूरी सरकार से नहीं मिली है और इस प्रक्रिया में दो से तीन माह का समय लग सकता है. इस पर कोर्ट ने पुलिस से पूछा था कि जब मंजूरी नहीं मिली थी तो आरोप पत्र दाखिल करने की जल्दी क्या थी?

कोर्ट ने मामले की जांच कर रहे डीसीपी से भी जवाब मांगा था. वहीं, पुलिस की तरफ से वह वीडियो भी अदालत में पेश किया गया था, जिसके आधार पर जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ देशद्रोह के आरोप में केस दर्ज किया गया था.

9 फरवरी 2016 को आयोजित हुआ था कार्यक्रम

पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने को लेकर दायर 1200पन्ने के आरोपपत्र में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को भी आरोपी बनाया है.

पुलिस ने अदालत में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ 1200 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल करते हुए कहा था कि वह परिसर में एक कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे और उन पर फरवरी 2016 में विश्वविद्यालय परिसर में देश विरोधी नारों का समर्थन करने का आरोप है.

Back to top button