नवजात बच्ची को फेंकने के मामले में तीन दिन बाद आई पुलिस, एफआईआर दर्ज

नवजात बच्ची को मारने के इरादे से परिजन बिंदाल के 25 फीट ऊंचे पुल से नीचे फेंक गए थे।

बिंदाल पुल के नीचे नवजात बच्ची का शव मिलने के मामले में अफसरों की नाराजगी के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर शाम मुकदमा दर्ज कर लिया। तीन दिन से पुलिस इस मामले को पोस्टमार्टम के इंतजार में लटकाए थी। हालांकि पुलिस की अब तक की जांच बेनतीजा रही है। चकराता रोड के सीसीटीवी फुटेज से भी पुलिस को कुछ इनपुट नहीं मिला है।

पुलिस एफआईआर दर्ज करने के लिए किसका इंतजार कर रही है ? जैसे संकेत मिले हैं, इस नवजात बच्ची को मारने के इरादे से परिजन बिंदाल के 25 फीट ऊंचे पुल से नीचे फेंक गए थे।

रविवार सुबह बच्ची को जीवित देखकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आठ घंटे के उपचार के बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया था। पहले तो कैंट कोतवाली और शहर कोतवाली पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही।

शहर कोतवाली का क्षेत्र होने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज न करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट न आने का बहाना बनाया।

पुलिस का तर्क था कि नवजात के शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक मोर्चरी में रखा जाएगा। हो सकता है कि कोई परिजन उसकी पहचान को आ जाए।

जानकारों द्वारा पुलिस कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती से दूरभाष पर बात कर तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी किशन देवरानी की तरफ से भारतीय दंड संहिता की धारा 317 (12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को असुरक्षित छोड़ना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

बच्ची का आज होगा पोस्टमार्टम

बिंदाल पुल के नीचे मिली नवजात बच्ची के शव का बुधवार को पोस्टमार्टम होगा। पोस्टमार्टम के बाद लावारिस में ही नवजात की अंतिम क्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस ने बताया कि बुधवार को 72 घंटे की अवधि पूर्ण हो रही है।<>

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