राष्ट्रीय

सड़क हादसे में घर बैठे मिलेगा 5 लाख रुपये का मुआवजा, नहीं लगाने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर

इस अधिसूचना के तहत बीमा कंपनी पीड़ित परिवार को तीन महीने के अंदर घर पर जाकर पांच लाख रुपये का चेक देगी।

मोदी सरकार जल्द एक अधिसूचना जारी करने जा रही है, जिसमें सड़क हादसे में मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा तीन महीने के अंदर मिलेगा। इसके लिए पीड़ित परिवार को अब अदालत का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इस अधिसूचना के तहत बीमा कंपनी पीड़ित परिवार को तीन महीने के अंदर घर पर जाकर पांच लाख रुपये का चेक देगी।

दरअसल देश में हर साल 1.5 लाख लोगों की सड़क हादसों में मौत हो जाती है। यानी एक औसत के मुताबिक हर दिन करीब 400 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गवा देते हैं। ऐसे में पीड़ित परिवार को होने वाली आर्थिक परेशानी से निजात देने के लिए सरकार यह अधिसूचना जारी करने वाली है।रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नवंबर सरकार अधिसूचना जारी कर सकती है, जिसमें उच्च वर्ग पीड़ित परिवार के लिए भी न्यूनतम मुआवजा राशि दी जाएगी।

बता दें कि मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2020 में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में रोड एक्सीडेंट में मरने वाले व्यक्ति के परिवार को पांच लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कानून मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार नवंबर महीने के पहले सप्ताह में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस संबंधी अधिसूचना जारी कर सकती है।

मौजूदा समय में अगर निम्न या मध्यम वर्ग का एक व्यक्ति सड़क हादसे में अपनी जान गवा देता है, तो उसके परिवार को ज्यादातर मामले में 2.5 से 3 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है। लेकिन इसके लिए पीड़ित परिवार को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) में सालों तक चक्कर काटना पड़ता है।अधिसूचना जारी होने के बाद बीमा कंपनियों को तय समय के अंदर पीड़ित परिवार को मुआवजे की राशि देनी होगी।पीड़ित परिवार मुआवजा मिलने के बाद एसएसीटी के केस दाखिल नहीं कर सकेंगे। हालांकि, उच्च वर्ग के पीड़ित परिवार के सदस्य कोर्ट में केस दाखिल कर सकेंगे।

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