छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य मंत्री और सचिव के बयानों में विरोधाभास, निजीकरण से जांच के नाम पर गरीबों की होगी लूट

शराब दुकान सरकारी और सरकारी अस्पताल में लूट भारी

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर और स्वास्थ्य सचिव सुब्रत साहू के कथनों में भारी विरोधाभास को देखते हुये कांग्रेस पार्टी ने रमन सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव सुब्रत साहू ने सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड में निजी हाथो में देने का निर्णय लिया है और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर कह रहे है कि पीपीपी मोड में केवल डायग्नोस्टिक सेंटरो को निजी हाथ में देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश कांग्रेस के चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डाॅ. राकेश गुप्ता ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री की बात को सच माना जाये या स्वास्थ्य सचिव की बात को सच माना जाये।

रमन सरकार के द्वारा डायग्नोस्टिक सेंटरो के निजीकरण से सरकारी अस्पतालों में मरीजो से जांच के नाम पर लूट की जायेगी और उनसे मोटी फीस वसूली जायेगी जो मध्यमवर्गीय के और गरीब मरीजों के हित में नहीं है। प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व ने इस जन विरोधी फैसले को तत्काल वापस न लेने की स्थिति में गरीब मरीजों के हक की लड़ाई सदन से सड़क तक लड़ने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार अस्पतालों को पीपीपी मोड पर संचालित किये जाने की बात कह जरूर रही है लेकिन हकीकत में इन अस्पतालों का निजीकरण होने जा रहा है।

अब इन नाम के सरकारी अस्पतालों में मरीजो की जांच और इलाज पर पूंजी लगाने वालों का ही कब्जा होगा। अगर मुख्यमंत्री के स्वयं डाॅक्टर होते हुये भी सरकार अस्पतालो को नहीं चला पा रही है तो इससे यह साबित होता है कि मुख्यमंत्री स्वयं अब सरकार चलाने के काबिल भी नहीं रहे। अस्पतालों का निजीकरण होने से देश की सबसे गरीब राज्य की जनता को मिलने वाली सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं और महंगी होगी। जिन गरीब, किसान और मजदूरों के लिये, गांव वालों के लिये जीवन पहले ही कठिन है, इलाज की मूलभूत सुविधाओं से भी जो वंचित है, उन्हीं पर रमन सिंह सरकार इलाज और दवा के साथ-साथ जांच का बोझ भी डालने जा रही है।

स्वास्थ्य सचिव अस्पतालों में और मंत्री अजय चंद्राकर सुविधाविहीन टेक्नीशियन मुक्त अस्पतालों में डॉयग्नोस्टिक फेसिलिटी मुफ्त में करने की बात कह रहे है जबकि पैथोलॉजी और रेडियोलोजी उपकरण और पैरामेडिकल वर्कर ही नहीं हैं। मीडिया में एक इंटरव्यू में प्रवक्ता श्रीचन्द सुंदरानी ने सरकार के हवाले से कहा की इस प्रकार का फैसला लिया ही नहीं गया है। लेकिन भाजपा सरकार और उसको चलाने वाले अधिकारी पिछले दो दिनों और भाजपा प्रवक्ता मीडिया में कांग्रेस के तगड़े विरोध और जनता के बीच भारी किरकिरी होने कारण सफाई देते हुये घूम रहे हैं।

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