छत्तीसगढ़

हंगामे भरी सामान्य सभा की बैठक मे नगर अध्यक्ष पर विपक्ष के संगीन आरोप,कहा-नगर पालिका में हो रहा लाखो का भ्रष्टाचार

अरविन्द शर्मा:

कटघोरा:नगरीय निकाय चुनाव उपरांत नगर पालिका की प्रथम सामान्य सभा की बैठक आहूत की गई।बैठक में नगर अध्यक्ष रतन मित्तल,सीएमओ जे बी सिंह व एल्डरमैन सहित पार्षद गण मौजूद रहे।जैसा कि विदित है सामान्य सभा की बैठक को लेकर बीते दिनों पालिका परिषद में विपक्षी जनप्रतिनिधियों ने जमकर हल्ला बोला था इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जनप्रतिनिधियों की जबरदस्त बहस तक हो गई थी, बहस के दौरान सीएमओ ने आवेश में आकर जनप्रतिनिधियों को जमकर लताड़ के साथ परिसर से बाहर निकल जाने की बात तक कह डाली थी।अधिकारी के इस हैरतअंगेज रवैये से विपक्षी पार्षदगण स्तब्ध रह गए और बैठक निर्धारित करने की बात पर अड़ गए,आखिरकार सीएमओ ने नगर अध्यक्ष से चर्चा कर तीन नम्बर को बैठक आहूत करने योजना तैयार की।यह बैठक नगर पालिका के समीपस्त सांस्कृतिक भवन में रखी गई।

चुनाव के पश्चात नगर पालिका परिषद कि यह पहली सामान्य सभा की वो बैठक थी जो बेहद हंगामे भरी रही। विपक्षी जनप्रतिनिधियों ने कोरोना काल के दरमियान हुए कार्यो को लेकर कई बिंदु तैयार कर रखे थे।जिसमे विपक्षी जनप्रतिनिधियों ने नगर अध्यक्ष पर सीधे सीधे घोर भ्रष्टाचार करने के आरोप तक मड दिए।नेता प्रतिपक्ष अर्चना अग्रवाल ने बैठक में मीडिया की उपस्थिति नही होने पर तीखे तेवर में नाराजगी जताई। इन्होंने कहा- आखिर सामान्य सभा की बैठक में मीडिया को दूर क्यो रखना जा रहा है कहीं मीडिया के रहने पर नगर अध्यक्ष को डर तो नही सता रहा जो इनके रहने से नगर अध्यक्ष के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश ना हो जाये।

चुनाव के बाद से ही नगर पालिका में नगर अध्यक्ष और पार्षदो का तालमेल सही नही बैठ पा रहा है।दरअसल यहाँ अध्यक्ष के कार्यो से सत्तापक्ष के पार्षद तो सहमत हैं लेकिन वहीं विपक्षी दल के पार्षदो को इनकी भ्रस्ट कार्यशैली समझ नही आ रही है।इनका कहना है कि नगर अध्यक्ष भ्रष्टाचार के आगोश में समाहित हैं और नगर में समस्याओं का अंबार लगते जा रहा है,वार्डो में किसी भी तरह की समस्याओं का निराकरण नही हो पा रहा है।।आमजन को पालिका से मिलने वाली मूलभूत की सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।

बैठक के दौरान विपक्षी जनप्रतिनिधियों ने कई बिन्दु सामने रखे जिसमे से एक अहम मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि कोरोना काल के दौरान जहाँ आमनागरिक कोरोना महामारी का सामना करने को मजबूर थे वही ओपन जिम का शुभारंभ करने की क्या आवश्यकता आन पड़ी थी।जिसमे शासन के लाखों रुपये का केवल दुरुपयोग मात्र है।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे बताया कि अध्यक्ष ने ओपन जिम के लिए जेम पोर्टल से 17 लाख के सामाग्री की ख़रीदी होना बताया है जबकि यह सामग्री ऑनलाइन में केवल 3 लाख की बताई जा रही है। वार्ड 14 के पार्षद शरद अग्रवाल ने तीखे तेवर में कहा कि नगर अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं।दो रुपये के मास्क को दस रुपये की खरीदी बताया गया है।कोरोना काल के दौरान वार्डो में जरूरतमन्दों को वितरण की गई राशन सामाग्री में भी जमकर भर्राशाही की गई है।सेनेटाइजर छिड़काव में भी लाखों रुपये का घोटाला किया गया है।अग्रवाल ने आगे बताया कि जब अध्यक्ष महोदय से बिंदुओं पर वांछित जानकारी मांगी जाती है तो उलूल जुलूल हवाला देकर गुमराह कर दिया जाता है।

नगर पालिका उपाध्यक्ष व वार्ड 15 के पार्षद बजरंग पटेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि नगर की सबसे बड़ी समस्या मुख्यमार्ग की है जो कि गौरवपथ के रूप में सालो से निर्माणाधीन है ,पर आज दो सालों से अधिक दिनों का समय बीत चुका है पर अभी तक केवल नाली मात्र ही बन पाई है।जब अध्यक्ष महोदय से इस विषय पर चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि गौरवपथ निर्माण में पाइप लाइन व पोल सिप्टिंग की वजह से दिक्कतें आ रही है जैसे ही इन समस्याओं से निजात मिल सकेगा आगे का निर्माण कार्य जारी रहेगा।

नगर अध्यक्ष व पार्षदो की लड़ाई में वार्डवासी हलाकान

रतन मित्तल के अध्यक्ष निर्वाचित होते ही विपक्षी दल के पार्षदो में नाराजगी बनी हुई है।वहीं सत्तापक्ष के पार्षद अध्यक्ष के कार्यो से सहमत नजर आते हैं।आखिर विपक्षी जनप्रतिनिधियों की लड़ाई वास्तव में क्या जनहितैषी है या दरकिनार जैसे हालातो की मार झेल रहे जनप्रतिनिधि मनगढ़ंत आरोप अध्यक्ष पर मढ़ रहे हैं। इन सबके बीच नगर पालिका से मिलने वाली मूलभूत की सुविधाओ से आमनागरिको को वंचित होना पड़ रहा है।वार्डो में जगह जगह गन्दगी पसरी पड़ी है।अरसे बाद भी खम्भो में स्ट्रीट लाइट नही लग पाई है जिस वजह से गलियों में अंधेरा पसरा रहता है जो कि कई तरह के घटनाओं का हिस्सा बन रहा है।वार्डवासी भी बताते हैं कि नगर पालिका केवल नाम की है यहाँ परिसर में छोटे से कार्य के लिए भी जाते हैं तो कई दोनों तक भटकना पड़ता है पर निराकरण नही हो पाता।कई वार्डो में आज भी पानी की समस्या बनी हुई है पर नगर पालिका में जनप्रतिनिधियों का अध्यक्ष के प्रति रार खत्म होने का नाम नही ले रहा है।आखिर कब इनका ध्यान वार्डो की समस्याओं पर आकर्षित होगा।

आखिर किन कारणों से बना तकरार

चुनाव पश्चात कुछ महीनों बाद ही वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी और साल के तीसरे माह से लाग डाउन जैसे हालात निर्मित हो गए।इस बीच शासन प्रसाशन भी पूरे शबाब पर नगर की सुरक्षा में लीन हो गया।आमनागरिको को हर सम्भव मदद के लिए शासन प्रयासरत नजर आने लगा।नगर पालिका के पार्षदगण भी वार्डो में हर सम्भव मदद मुहैया कराने में जुटे रहे।इस बीच जरूरत मन्द लोगो के लिए राशन सामाग्री वितरण की गई जो कि पार्षदो द्वारा वार्डो में आबंटित की गई थी।जिसका भुगतान पार्षद निधि से किया गया लेकिन जब पार्षदो को जानकारी हुई कि राशन सामाग्री खरीदी का बिल राशि बढ़ा कर भुगतान किया गया है तो पार्षदो ने अध्यक्ष महोदय से खरीदी सम्बंधित जानकारी चाही गई जिसपर इन्हें जानकारी नही मिली और भ्रष्टाचार के सवाल खड़े हो गए।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार यह तकरार उन ठेकेनुमा कार्यो की वजह से पनपा होगा, जो अध्यक्ष महोदय ने सत्तापक्ष से अपने चहेते ठेकेदारों को लाखों करोड़ों का कार्य आबंटित कर दिया है। जिस वजह से विपक्षी पार्षद ठेकेदारों को कार्य की उपलब्धता नही मिल पाई।पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में इनकी पांचों उंगली घी में थी।इस बार इन्हें कार्य नही मिल पाना यह इस तकरार का हिस्सा हो सकता है।

खैर वजह जो भी हो लेकिन नगर पालिका के मखोल की नगर में जमकर चर्चा हो रही है।वार्डवासी भी पार्षदो पर तंज कसने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं और पार्षद अब इन तन्जो का सामना करने को मजबूर हैं।इस बार नवनियुक्त पार्षदो का पाल उस राजनैतिक सख्सियत से पड़ा है जो राजनीति के कर्णधार के रूप में विख्यात है।अब नवनियुक्त पार्षद आखिर इस तकरार के बीच कैसे अपने वार्डो का विकास करते हैं ये देखने वाली बात होगी।

_विपक्षी जनप्रतिनिधियों के आरोप पूर्णतःनिराधार है कोविद- 19 के दौरान शासन प्रशासन के निर्देशानुसार कार्य किये गए हैं।मास्क सेनेटाइजर जो बजट नोटिफिकेशन में रेट दिया है उससे अधिक नही है।कोरोना काल मे शासन प्रसाशन व नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारियों ने बड़े दिलेरी से कार्य किया है। जिला कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने कटघोरा की स्थिति को देखते हुए यहाँ अस्थाई कार्यालय बना लिया था।इन्ही के अथक प्रयास की बदौलत शहर में कोरोना की सुरक्षित रोकथाम हो सकी थी।माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने भी जिला कलेक्टर की कैबिनेट बैठक में तारीफ की थी।मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार है जिसे लगता है कि भ्रष्टाचार हो रहा है वो जांच करा लें,शिकायत कर ले ,मैं पूरी तरह निष्पक्ष हु।दरअसल जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो राजनीतिक सोच की वजह से लगाये जा रहे हैं।
–रतन मित्तल(अध्यक्ष नगर पालिका कटघोरा)_

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