क्रिकेट सट्टा की गिरफ्त में शहर, धर्म की नगरी धमतरी हो रही मैली.. मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से शिकायत की तैयारी..

- विनोद कुमार

धमतरी: धर्म की नगरी कहे जाने वाले धमतरी जिले में विगत कई वर्षों से क्रिकेट सट्टे की पैठ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है । जिले की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इसकी गिरफ्त में आ चुका है जिसमें युवाओं कि संख्या सबसे ज्यादा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले कोई और नहीं बल्कि धमतरी शहर के ही कुछ युवा हैं, जो काफी लंबे समय से इस पूरे रैकेट को संचालित कर रहे हैं।

सफेदपोश नेताओ का संरक्षण पाए क्रिकेट सरगना के इस कारगुजारी की खबर पूरे शहर सहित पुलिस महकमे को भी है, पर शायद प्रदेश में पूर्व सत्ता के चलते इन रैकेट संचालकों पर कारवाही नहीं की गई, जिससे इनके रैकेट और ऊपरी पहुँच की मजबूती को समझा जा सकता है।

हालाकि धमतरी पुलिस ने कुछ छोटे मोटे क्रिकेट सटोरियों को गिरफ्त में लेकर खानापूर्ति की है, लेकिन उनकी रडार पर आए ये क्रिकेट सरगना कभी भी थाने में मेहमान बनकर नही आये. ये सरगना बड़े ही आराम से अपने काम को अंजाम देते हुए लाखो करोड़ो रूपए कमाने में सफल रहे है।

धर्म की नगरी में इस बढ़ते क्रिकेट सट्टे के अभिशाप से जिले का एक तिहाई युवा अभिशापित हो चुके है, जो सट्टे की लत लगाकर अपनी कार, बाइक व जेवर को गिरवी रखकर, घर के सामान चुरा कर या मार्केट से 15 से 20 प्रतिशत में रकम उधार लेकर कर्जे के बोझ तले दबने से खुद को बचा नहीं पा रहे।

सट्टा और जुए की लत और उसपर कर्ज के बोझ के चलते अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहा है. सैकडों ऐसा परिवार है जिनके घर का सपूत सट्टे की लत में आकर अब कपूत बन बैठे हैं. इनके घर की खुशियों को सट्टा कारोबारियों ने दुख और तकलीफों में बदल दिया है।

अगर वक्त रहते जिले को इस अभिशाप से मुक्ति नहीं मिलती है तो कई बड़ी घटनाओं का सामना यहाँ के वासियों को करना पड़ सकता है. स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्यवाई नही होते देख अब जिले के कुछ जागरूक लोगों का दल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से मुलाकात कर शिकायत करने की तैयारी में है.

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