छत्तीसगढ़

कमला कॉलेज के राष्ट्रीय शोध सम्मेलन का शुभारंभ

रजत जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय सम्मेलन का किया गया आयोजन

राजनांदगांव: शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, राजनांदगांव में दिनांक 18 नवम्बर 2019 को रिसेंट एडवांस एंड फिजिकल साइंस विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन इंटरनेशनल एकडमी एंड फिजिकल साइंस के रजत जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्द्याटन समारोह प्रातः 10ः00 बजे गौरव पथ स्थित पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर आॅडिटोरियम, राजनांदगांव में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की कुलपति डाॅ.अरूणा पलटा के मुख्य आतिथ्य एवं प्रो.पी.एन.पाण्डेय कुलपति नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय प्रयागराज (इलाहाबाद) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

प्रयोजित प्रोजेक्ट में कन्सल्टेंट

डाॅ. सुजाता सक्सेना भारत सरकार के अंतरराष्ट्रीय स्तर के काॅटन इंस्ट्रीट्यूट में यूएनडीपी और इंडो कनाड़ा एनवायरमेंट फैसीलिटी द्वारा प्रयोजित प्रोजेक्ट में कन्सल्टेंट रही हैं। डाॅ.सुजाता सक्सेना प्रिंसिपल साइंटिस्ट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद. केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान मुम्बई,

प्रो.रमा पाण्डेय भूतपूर्व डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष रसायन पं.रविशंकर शुल्क वि.वि रायपुर, डाॅ.एस.के.पाण्डेय भूतपूर्व कुलपति, पं.रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर, डाॅ.हेमलता मोहबे शिक्षाविद् एवं भूतपूर्व प्राचार्य शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय एवं कमला काॅलेज जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष हेमा देशमुख जी उपस्थित रहें ।

महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ.सुमन सिंह बघेल ने सर्वप्रथम इस 02 दिवसीय सम्मेलन में आमंत्रित अतिथियों, वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों एवं शोध शोधार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग बिना सम्मेलन की सफलता सम्भव नहीं है। सम्मेलन के संयोजक डाॅ.ओंकार लाल श्रीवास्तव ने 02 दिवसीय सम्मेलन की सम्पूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत की एवं स्वागत उद्बोधन दिया।

प्रो.पी.एन.पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो.पी.एन.पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि पूर्व समय में सम्पूर्ण फिजिकल साइंस को गणित विषय के रूप में जाना एवं पहचाना जाता था । उन्होंने बताया कि प्राचीन दार्शनिक प्लेटो ने अपने स्कूल के बाहर लिख दिया था कि जिन्हें गणित का ज्ञान न हो कृपया इस स्कूल में प्रवेश न करें।

प्रो.सी.के.मिश्रा ने P. C के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणित एवं विज्ञान का ज्ञान हमारे प्राचीन ग्रंथों में पूर्व समय से ही विद्यमान है, यह अलग बात है कि इसे प्रतिपादित एवं प्रकाशित करने का कार्य यूरोप एवं पश्चिम के लोगों द्वारा पिछले 100-200 वर्षो के भीतर किया गया।

प्रो.रमा पाण्डेय नेे समझाया कि कैंसर जैसा गम्भीर रोग किन-किन कारणों से उत्पन्न हो सकता है तथा इस बचने के लिए हमें कौन-कौन की सावधानियां रखनी चाहिए। प्रो.एस.के.पाण्डेय ने अपनी प्रस्तुति के द्वारा सौरमंडल की जानकारी देते हुए बताया कि सूर्य का निर्माण किस प्रकार हुआ तथा आने वाले समय में धीरे-धीरे किस प्रकार सूर्य अपना तेज खोते जा रहा है।

बायोकेेमिस्ट्री जीवन में अत्यंत उपयोगी

डाॅ.सुजाता सक्सेना जी ने सूती कपड़े पर विरंजक एवं अन्य प्रभावों पर ने बताया कि भारत कसा उत्पादन है और हमें सूती कपड़े कैंसर से भी बचाते हैं। सिंथेटिक रंगों का उपयोग करें। डाॅ.हेमलता मोहबे ने कहा कि आज का कार्यक्रम अपनी तरह का जिले का पहला कार्यक्रम है और इसके शोध निष्कर्ष से सभी लाभान्वित होगें । डाॅ.डिजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि बायोकेेमिस्ट्री जीवन में अत्यंत उपयोगी है।

कार्यक्रम का सफल संचालन

महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष हेमा देशमुख ने कहा कि महाविद्यालय में इस प्रकार के सम्मेलन के आयोजन के लिए प्राचार्य एवं महाविद्यालय प्रबंधन को बधाई दी तथा आमंत्रित अतिथियों से कहा कि महाविद्यालय में उनके आगमन से छात्र एवं छात्राओं को अपने भावी जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम का सफल संचालन शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महा.राजनांदगांव में अर्थशास्त्र विषय की सहायक प्राध्यापक डाॅ.सुमीता श्रीवास्तव के द्वारा किया गया ।

भोजनावकाश के पश्चात् फिजिकल साइंस की प्रमुख विधाएं गणित, भौतिकी एवं रसायन विज्ञान की पृथक्-पृथक् तकनीकी सत्रांे का समान्तर आयोजन महाविद्यालय प्रांगण में आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत देशभर से आए प्राध्यापकों एवं शोध छात्रों ने अपने-अपने 72 शोध पत्रों का वाचन/प्रस्तुतीकरण किया । सायं काल में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा आमंत्रित अतिथियों के सम्मुख सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई ।

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