अब तक नहीं मिली चना उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि

डाटा एन्ट्री में त्रुटि के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिये किसानों को भटकना पड़ रहा है

रायपुर: पूर्ववर्ती रमन सरकार ने चना उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ 15 सौ रुपये प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया था. राशि भी जारी कर दी गई थी. विधान सभा चुनाव के कारण किसानों को राशि का भुगतान नहीं मिल पाया था. चुनाव पूरा हुए 60 दिन हो गया है किंतु किसानों को प्रोत्साहन राशि भुगतान अब तक नहीं मिला है.

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग जिले के कलेक्टर की अनुपस्थिति में संयुक्त कलेक्टर पी के शाण्डिल्य का ध्यान आकर्षित कराया. संयुक्त कलेक्टर ने बताया कि चना प्रोत्साहन राशि पात्र किसानों को वितरित करने के लिए तहसील के खाते मैं जमा करा दिया गया है एक सप्ताह के भीतर किसानों को प्राप्त हो जाएगा.

किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त कलेक्टर को बताया कि सभी सरकारी योजना आनलाईन संचालित की जा रही है डाटा एन्ट्री में नाम, उपनाम, नक्शा, खसरा की अनेक त्रुटियां है. जिसके कारण किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और त्रुटि सुधार के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है. अत: त्रुटि सुधार करने के लिये अभियान चलाया जाना चाहिए. किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने फसल बीमा योजना में कटाई प्रयोग के आंकड़ों को पारदर्शी करने और पब्लिक डोमेन में प्रयोग के आंकड़ों को दर्ज करने की मांग की ताकि कोई भी किसान अपने पंचायत क्षेत्र के वास्तविक उत्पादन को जान सके.

संयुक्त कलेक्टर ने इसे नीतिगत बताते हुए राज्य सरकार को अवगत कराने की बात कही. छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल में संयोजक राजकुमार गुप्त, महासचिव झबेंद्र भूषण दास वैष्णव, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम वाघेला, जिला अध्यक्ष उत्तम चंद्राकर, बाबूलाल साहू, परमानंद यादव, बंशी देवांगन, प्रेम दिल्लीवार, दीपक यादव, मेघराज मढ़रिया सहित अन्य किसान शामिल थे. राजकुमार गुप्त, संयोजक छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन

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