प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में गायों की संख्या में हुई बढ़ोतरी

सभी नस्ल की गाय की संख्या तो 18% बढ़ी है पर बैल या सांड 30% घटी

नई दिल्ली: देश के 6.6 लाख गांवों और 89 हज़ार शहरी क्षेत्र के वार्ड में किये गये पशुधन गणना आंकड़े सरकार ने जारी कर दिए हैं. देश में कुल पशुधन की संख्या 53.5 करोड़ है. गौवंश 19.2 करोड़,

गाय की संख्या 14.5 करोड़, बैल या सांड 4.7 करोड़, भैंस 10.9 करोड़, बकरी 14.8 करोड़, भेड़ 7.4 करोड़, सूअर 90 लाख, घोड़े 3.4 करोड़, ऊंट 2.5 लाख, मुर्गे मुर्गियां 85 करोड़, खच्चर 84 हज़ार, और गधे 1.2 लाख है.

गौवंश, भैंस, मुर्गे मुर्गियों, भेड़ ,बकरियों की संख्या पिछली गणना 2012 के मुकाबले बढ़ी है जबकि घोड़े ,गधे, ऊंट,सूअर की संख्या घटी है. इसमें से सबसे ज्यादा संख्या गधों की घटी है ये पहले के मुकाबले 61% घटी है, 2012 में 3.2 लाख गधे थे.

बैल या सांड की संख्या भी घटी है पहले ये 6.7 करोड़ थे. हालांकि देसी नस्ल का गौवंश 15.1 करोड़ था और अब 14.2 करोड़ है. देसी गाय अब 9.8 करोड है और देसी बैल या सांड 4.3 करोड़ है. देखने में आया है कि विदेशी ब्रीड का गौवंश 3.9 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़ हो गया है.

जबकि सभी नस्ल की गाय की संख्या तो 18% बढ़ी है पर बैल या सांड 30% घट गये हैं. 2019 की पशुधन गणना में 80 हज़ार लोगों का स्टाफ काम पर लगा था .

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