ग्रामीण इलाकों में ज्यादा हुई बचत :जन धन खातों का असर

एक तरफ देशभर में महंगाई का मुद्दा सरकार को परेशान कर रही है. वहीं इस बीच एक राहत की खबर भी मिली है. ग्रामीण इलाकों में ना सिर्फ महंगाई कम हुई है, बल्कि लोगों ने पैसे भी बचाए हैं. यह सब हुआ है प्रधानमंत्री जन धन योजना के कारण.

हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक सर्वे के आधार पर ऐसा दावा किया है. एसबीआई की ग्रुप चीफ इकनॉमिक एडवाइजर सौम्या कांति घोष ने यह रिपोर्ट तैयार की है. सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बैंक खाते खोलने वाले लोग अब ज्यादा बचत कर रहे हैं. लोगों ने शराब और तंबाकू जैसी चीजों की खरीद पर भी कमी की है.घोष के मुताबिक ‘इसे लोगों को पैसा खर्च करने के व्यवहार में बदलाव के तौर पर देखा जा सकता है. लोग नोटबंदी के बाद बचत की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं.’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी खर्च बढ़ाया है.योजना लॉन्च होते समय जताई गई थी आशंकाएं

जिस समय प्रधानमंत्री जनधन योजना लॉन्च की गई थी, उस समय आशंका जताई गई थी कि पैसे का ज्यादा मात्रा में सर्कुलेशन होने से मुद्रास्फीति प्रभावित हो सकती है.
रिपोर्ट में खुदरा मुद्रास्फीति के डेटा का हवाला देते हुए बताया गया है कि जिन राज्यों में ग्रामीण इलाकों में 50 प्रतिशत से ज्यादा जनधन खाते हैं, उन राज्यों में मुद्रास्फीति पर सकारात्मक असर पड़ा है.

नोटबंदी के बाद से जनधन खातों में तेजी से इजाफा हुआ है. अब तक ऐसे 30.38 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं. जो कुल जनधन खातों के 75 प्रतिशत हैं.
इसमें सर्वाधिक खातों की संख्या उत्तर प्रदेश में है जो 4.7 करोड़ के स्तर पर है. इसके बाद बिहार में 3.2 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 2.9 करोड़ ज

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