छत्तीसगढ़

लॉक डाउन से व्यापारियों में बढ़ रहा तनाव, धंधा नही होने से डगमगाने लगा कारोबार

छोटे व्यापारियों की हालत खस्ता होने की कगार पर

अरविंद शर्मा कटघोरा clipper 28:जब से कोविड 19 कोरोना महामारी ने अपना आतंक फैलाया है तब से पूरे देश मे बेहद ख़ौफ़नाक मंजर बन गए हैं।लाग डाउन जैसे हालातो से पूरा देश गुजर रहा है।पूरे देश की आथिर्क स्थिति चरमरा गई है।लोगो को खाने तक के लाले पड़ गए हैं।यहाँ तक की इस ख़ौफ़नाक मंजर ने पूरे व्यापारियों की कमर तोड़ कर रख दी है कुछ व्यवसाय तो पूरी तरह बंद हो चुके हैं शायद अब उनके खुलने के कोई आसार नही है।लाग डाउन ने जहाँ कोरोना महामारी की चेन को तोड़ कर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोका है वहीं इस लाग डाउन ने व्यापार पर भी खासा असर डाला है जिससे व्यापारियों की आथिर्क स्थिति डगमगा गई है।अगर वास्तव में देश के हालातों की बात करे तो इस महामारी से पूरा शासन प्रशासन,राजनैतिक दल,स्वास्थ्य अमला, व्यापारी वर्ग,मजदूर वर्ग सभी हलाकान है कि कब इस महामारी से छुटकारा मिले।

कटघोरा के व्यापारियों में इस वक्त लाग डाउन को लेकर तनाव जैसी स्थिति नजर आ रही है।दरअसल जो समय व्यापारियों के दुकान खोलने का शासन ने तय किया है उस समय दुकानो में ग्राहक नही पहुँच पाते हैं और जब ग्राहक आने शुरू होते हैं तो दुकान बंद करने का समय हो जाता है।लिहाजा अब व्यापारी वर्ग इसी बात से परेशान हैं कि अब व्यापार कैसे करें? कुछ व्यापारियों में तो इस बात को लेकर भी तनाव बना हुआ है कि शासन ने केवल कुछ दुकानों को ही लाग डाउन के दरमियान खोलने की इजाजत दी है।लाग डाउन के निर्धारित समय के बाद किसी कारण अगर व्यापारी अपनी दुकान बंद नही कर पाता है तो उसको शासन के निर्देशों की अवहेलना का सामना करना पड़ता है और चालानी कार्यवाही से गुजरना पड़ता है।

इस लॉग डाउन में व्यापारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित समय पूर्व की भांति 2 बजे तक कर दिया जाता है तो ग्राहकों को भी पर्याप्त समय सामान खरीदने का मौका मिल जाएगा और व्यापारियों को भी शासन की कार्यवाही का शिकार नही होना पड़ेगा।इस बीच छोटे व्यापारियों ने भी शासन से गुहार लगाई है कि उनकी मनोदशा पर भी शासन मंथन करे और इन्हें भी दुकाने खोलने का समय मिल सके ताकि उनके परिवार को भी किसी तरह के संकटो का सामना ना करना पड़े।कटघोरावासियो ने व व्यापारियों ने लाग डाउन जैसे हालातों में शासन प्रसाशन के नियमो का भलीभांति पालन किया है।इस संकट की घड़ी में भी व्यापारियों ने शालीनतापूर्वक शासन से दुकानों के खोलने के समय को बढ़ाने की इच्छा जाहिर की है अब शासन किस कदर पीड़ित व्यापारियों का दर्द समझ पाता है यह तो शासन के ऊपर ही निर्भर करता है।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button