छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला में रेत माफियाओं का बढ़ा आतंक, जिला स्तर के अधिकारी कार्यवाही करने के नाम पर बने सरकार की कठपुतली

ब्यूरो चीफ:- विपुल मिश्रा रिपोर्टर :- शिव कुमार चौरसिया

वाड्रफनगर/बलरामपुर: मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला के थाना बसंतपुर क्षेत्र का है जहां मेंढारी, एरिया नदी से प्रतिदिन बनारस मुख्य मार्ग से सैकड़ो ट्रक ओव्हरलोड बालू का परिवहन उत्तर प्रदेश राज्य में किया जा रहा है।

बलरामपुर जिला के वाड्रफनगर ब्लॉक के मेंढ़ारी ,एरिया नदी का जल स्त्रोत कम हो जा रहा है । वही बता दे कि धनवार आरटीओ चेकपोस्ट500,वन विभाग बैरियर100,खनिज विभाग100,रुपये इस तरह की धडल्ले से वसूली जारी है।

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लाकडाउन से पहले साफ तौर में कहा था कि यदि इस प्रकार का है तो उस पर कार्यवाही भी किया जायेगा।

लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के बातों का कोई फर्क नही पड़ता है अधिकारी उनके आदेश के बाद भी रेत का कारोबार पर संलिप्त अधिकारी करवा रहे है बड़े पैमाने पर कारोबार।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से प्रतिदिन 100 से 200 ट्रक ओवरलोड रेत लेकर उत्तर प्रदेश की ओर जाती है जबकि धनवार बॉर्डर पर खनिज विभाग आरटीओ विभाग फॉरेस्ट विभाग का बैरियर भी लगा हुआ है अभी वर्तमान में वहां कोविड-19 का भी जांच चल रहा है बॉर्डर पर जहां छत्तीसगढ़ के कई आला अधिकारी लोग भी रहते हैं उसके बाद भी ओवरलोड रेत का अवैध धंधा दिन दूना रात चौगुना धड़ल्ले से जारी है इसको रोकने के लिए प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी आगे नहीं आता क्योंकि रेत माफियाओं के डर से नहीं आते या सांठगांठ करके बैठे हुए हैं वही इस संबंध में आपको बताना चाहूंगा बनारस मुख्य मार्ग की हालत ओवरलोड गाड़ियों के चलने से कई जगह खड्डा गड्ढा में तब्दील हो गया है जो एक्सीडेंट का कारण भी बनते जा रहा है वही आपको यह भी बता दूं की प्रतिदिन छत्तीसगढ़ शासन को लाखों रुपए राजस्व का क्षति हो रहा है आखिर इस पर विचार कब होगा

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button