महिलाओं में बढ़ रहा है हार्ट डिजीज का खतरा, कैसे जानें

लोगों का मानना है कि दिल से जुड़ी बीमारियां पुरुषों को ज्यादा होती हैं लेकिन एक नई रिसर्च के मुताबिक स्ट्रेस के कारण हार्ट डिजीज पुरूषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है

आजकल बदलती लाइफस्‍टाइल के कारण महिलाओं को दोहरी भूमिका निभानी पड़ती हैं। दोहरी जिम्‍मेदारी के चलते स्‍ट्रेस बढ़ता है जिस वजह से वह कई बीमारियों का शिकार हो जाती है जिनमें से एक है हार्ट डिजीज।

आज हार्ट डिजीज महिलाओं के लिये नंबर वन किलर बन गया है। लोगों का मानना है कि दिल से जुड़ी बीमारियां पुरुषों को ज्यादा होती हैं लेकिन एक नई रिसर्च के मुताबिक स्ट्रेस के कारण हार्ट डिजीज पुरूषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है

इसलिए सभी उम्र की महिलाओं को हार्ट डिजीज के बारे में सतर्क रहना चाहिए। महिलाएं हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल की आदतों को अपनाकर इस बीमारी को रोक सकती है।

क्‍या कहती है रिसर्च


हार्ट डिजीज से जूझ रही महिलाओं को ठीक होने के लिए पुरुषों से ज्यादा समय और देखभाल की जरूरत होती है। दुनिया भर में हार्ट डिजीज मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक है।

एक साल में हार्ट डिजीज के कारण लगभग 1.75 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से करीब 67 लाख लोगों की मौत स्ट्रोक से होती है, जबकि कोरोनरी हार्ट डिजीज के कारण 74 लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं।

असंतुलित सर्कुलेशन है दुश्मन


जब हार्ट में किसी भी वजह से ब्लड फ्लो कम हो जाता है तो हार्ट को ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह हार्ट में कम या ज्यादा मात्रा में रुकावट पैदा करता है जिस वजह से हार्ट डिजीज की परेशानी बढ़ सकती है।

स्‍ट्रेस कम करें


स्‍ट्रेस हार्ट डिजीज का सबसे बड़ा कारण है। इससे दर्द और तकलीफ हो सकती है, टेंशन और डिप्रेशन पैदा होती हैं, जिससे एनर्जी कम होती है। स्‍ट्रेस को दूर रखने की कोशिश करें।

काम के बोझ को कम करने के लिए एकस्ट्रा एक्टिविटी में हिस्सा लें जिससे स्‍ट्रेस कम हो। म्यूजिक सुनने और अच्छी किताबें पढ़ने से भी स्‍ट्रेस बहुत कम होता है और लाइफ में पॉजिटिविटी आती है।

स्‍मोकिंग और अल्‍कोहल पर कंट्रोल रखें


स्‍मोकिंग और अल्‍कोहल लेने से हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ेगा। इन आदतों को ब्‍लड प्रेशर बढ़ाने के लिए जाना जाता है, जिसके कारण दिल की धड़कन कंट्रोल में नहीं रहती और स्ट्रोक्स होते हैं। इस वजह से हार्ट अच्छे से काम नहीं कर पाता। यह सलाह दी जाती है कि दोनों का सेवन ना करें या इसे कम करते-करते खत्म करें।

बॉडी वेट कम करें


ज्‍यादा वजन दिल के लिए खतरनाक होता है इसलिए वजन बढ़ने ना दें क्योंकि इससे हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ता है, जिससे डायबिटीज, धमनी रोग का खतरा और ब्‍लड प्रेशर हो सकता है। बीएमआई पर भी नजर रखें और इसे सही लेवल तक बनाए रखें।

रेगुलर एक्‍सरसाइज


अपने हार्ट को हेल्‍दी रखने के लिए रोजाना एक्‍सरसाइज करना बहुत जरूरी है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि धमनियों में लचीलापन रहे, 30-45 मिनट की अवधि के लिए किसी भी फिजिकल एक्टिविटी के रूप में दैनिक एक्‍सरसाइज जरूरी है। अध्ययनों से पता चला है कि तेज चलने से हार्ट सही से काम करता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव


लाइफस्‍टाइल में कुछ बदलाव जैसे एलेवेटर के बदले सीढ़ियों से चढ़ना, खाना खाने के लिए पैदल चलना। इन बदलावों से ना सिर्फ बॉडी को ज्यादा वक्त तक दुरुस्त रखने में हेल्प मिलती है बल्कि हेल्‍दी लाइफ की एक आदत भी बनती है।

हेल्‍दी डाइट


अच्‍छी और हेल्‍दी डाइट, हेल्‍दी हार्ट और हेल्‍दी लाइफ के लिए जरूरी है लेकिन, हम में से ज्यादातर इसे अनदेखा करते हैं। व्यक्ति जो खाता है, वह सीधे उसके दिल को प्रभावित करता है इसलिए हरे और पत्तेदार सब्जियों का सेवन करे, शुगर से परहेज करें। अपनी डाइट में आप केला, क्विनोआ, अखरोट, ब्‍लूबेरी, ग्रीन टी जैसे फूड्स को शामिल कर सकती हैं।

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