Ind vs Aus: कमिंस ने किया ऑलराउंड प्रदर्शन, फिर भी नही जीती ऑस्ट्रेलिया

इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में अनिरंतरता की वजह से उनका करियर प्रभावित रहा और वे 7 वर्षों में मात्र 17 टेस्ट मैच खेल पाए।

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस के लिए व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से भारत के खिलाफ रविवार को संपन्न मेलबर्न टेस्ट ऐतिहासिक रहा लेकिन उनका ऑलराउंड प्रदर्शन भी टीम को हार से नहीं बचा पाया।

कमिंस ने इस मैच के दौरान अपनी काबिलियत साबित की और टीम के संकट की घड़ी में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

कमिंस जब 18 साल के थे तब उन्होंने वर्ष 2011 में द. अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को सीरीज में बराबरी वाली जीत दिलाई थी।

उन्होंने मैच में 7 शिकार किए थे। इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में अनिरंतरता की वजह से उनका करियर प्रभावित रहा और वे 7 वर्षों में मात्र 17 टेस्ट मैच खेल पाए।

कमिंस ने मेलबर्न टेस्ट मैच में भारत की दूसरी पारी को झकझोर दिया। पहली पारी में 292 रनों की बढ़त बनाने के बाद भारत ने दूसरी पारी में बगैर किसी नुकसान के 28 रन बना लिए थे, इसके बाद शुरू हुआ कमिंस का कहर।

देखते ही देखते उन्होंने 3 शिकार किए और भारत का स्कोर 3 विकेट पर 28 रन हो गया। वे इतने पर ही नहीं थमे और उन्होंने इस पारी में 3 शिकार और किए।

भारत ने दूसरी पारी 8 विकेट पर 106 रन बनाकर घोषित कर दी अन्यथा वे और विकेट ले सकते थे। कमिंस ने इस पारी में 27 रन देकर 6 विकेट लेते हुए करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन किया।

उनका इससे पहले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 79 रनों पर 6 विकेट था जो उन्होंने नवंबर 2011 में जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में किया था।

उन्होंने इसके अलावा सिर्फ एक बार और पारी में पांच विकेट लिए थे। उन्होंने मार्च 2018 में जोहान्सबर्ग में द. अफ्रीका के खिलाफ 83 रनों पर 5 विकेट झटके थे। वे अभी तक 17 टेस्ट मैचों में 23.25 की औसत से 80 शिकार कर चुके हैं।

कमिंस ने इसके बाद बल्ले से भी कमाल दिखाया। 399 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए जब ऑस्ट्रेलिया 157 रनों पर 6 विकेट खोकर संघर्ष कर रहा था तब कमिंस क्रीज पर उतरे।

जहां ऑस्ट्रेलिया के स्पेशलिस्ट बल्लेबाज टिक नहीं पा रहे थे, वहां कमिंस ने नाथन लियोन के साथ ऐसी बल्लेबाजी की मानो वे शीर्षक्रम के बल्लेबाज हो।

कमिंस ने इस दौरान न केवल टेस्ट करियर की दूसरी फिफ्टी लगाई बल्कि उन्होंने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी बनाया।

वे 114 गेंदों में 5 चौकों और 1 छक्के की मदद से 63 रन बनाकर आउट हुए और उनकी टीम यह मैच 137 रनों से हार गई।

इससे पहले कमिंस के करियर का सर्वाधिक स्कोर 50 रन था जो उन्होंने इसी वर्ष मार्च में जोहान्सबर्ग में द. अफ्रीका के खिलाफ बनाया था। वे अब तक 17 टेस्ट मैचों में 20.95 की औसत से 503 रन बना चुके हैं।

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