Ind vs Aus: बहस पर एक्शन लेने की जगह अपना सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला!

बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार बोर्ड की तरफ से दोनों खिलाडि़यों को कहा गया है कि वे सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा लिखें जिससे यह संदेश जाए कि दोनों के बीच में कोई तल्खी नहीं है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के तीन पदाधिकारी, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति और सीईओ राहुल जौहरी खुद एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, ऐसे में वे भारतीय टीम के सदस्यों पर सख्त कदम उठाने की हिम्मत कैसे दिखा सकते हैं।

यही कारण है कि बोर्ड ने पर्थ टेस्ट के चौथे दिन तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और 12वें खिलाड़ी के तौर पर फील्डिंग कर रहे रवींद्र जडेजा के बीच मैदान में हुई बहस पर एक्शन लेने की जगह ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का फॉर्मूला अपनाया है।

बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार बोर्ड की तरफ से दोनों खिलाडि़यों को कहा गया है कि वे सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा लिखें जिससे यह संदेश जाए कि दोनों के बीच में कोई तल्खी नहीं है।

यही नहीं, वह टीम होटल में भी प्रशंसकों के सामने एक साथ फोटो खिंचाकर भी यह संदेश दे सकते हैं।

अगर कुछ दिनों में ऐसा दिखे तो आप समझ लीजिएगा कि बीसीसीआई की सोशल इंजीनियरिंग काम कर गई। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि ईशांत और जडेजा बहुत अच्छे दोस्त हैं।

उन दोनों के बीच जो भी हुआ वह सिर्फ उस समय की बात थी। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को इससे टीम इंडिया पर निशाना साधने का मौका मिल गया।

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया इसे बीसीसीआई में फूट के तौर पर दिखा रहा है। बीसीसीआई के एक धड़े का कहना है कि एक टेस्ट हारने के बाद अगर ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में कोई कड़ा कदम उठाया जाता है

तो टीम के मनोबल पर असर पड़ेगा। ऐसे में मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए। हालांकि, यह देखना होगा कि भविष्य में भी इसी तरह की परिस्थितियों में बीसीसीआई क्या करता है?

दोनों में हैं अच्छे रिश्ते

भारतीय टीम से जुड़े एक सदस्य ने कहा कि ईशांत और जड्डू रवींद्र जडेजा काफी अच्छे दोस्त रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के समय से दोनों साथ में खेल रहे हैं। इन दोनों में अच्छे रिश्ते रहे हैं।

उस दिन जो भी हुआ वह शायद गलतफहमी के कारण हुआ। ऐसे में इस मामले को आगे ले जाने का कोई मतलब नहीं बनता। जो लोग अच्छे दोस्त होते हैं उन्हीं में कभी-कभार गलतफहमियां हो जाती हैं। टीम में शामिल एक खिलाड़ी ने भी इसकी पुष्टि की।

ये हुआ था उस दिन

चार टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले के चौथे दिन यानी बीते सोमवार को ईशांत और जडेजा मैदान में ही आमने-सामने आ गए थे।

दोनों एक-दूसरे को उंगली दिखाते हुए नजर आए थे। दोनों एक-दूसरे के काफी करीब आ गए थे। बाद में कुलदीप यादव व मोहम्मद शमी ने दोनों को अलग किया था।

सोमवार को जब ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रही थी और मोहम्मद शमी की गेंद नाथन लियोन के हेलमेट में लगी तो लियोन ने दूसरा हेलमेट मंगाया।

ऐसे में खेल रुका हुआ था, लेकिन गेंदबाजी छोर पर ईशांत और जडेजा किसी बात पर भिड़ गए। फुटेज के अनुसार जडेजा ने इशांत से कुछ कहा जो माइक्रोफोन में कैद नहीं हुआ, जिसके बाद ईशांत ने कहा कि मुझे हाथ मत दिखाया कर।
अगर कुछ चाहिए तो इधर आकर बोल। इसके बाद जडेजा ने ड्रेसिंग रूम की तरफ हाथ दिखाते हुए कहा कि मैं इधर तक आ गया, वह अचानक बोल दिया..।

इसके बाद ईशांत ने कहा कि मुझे हाथ मत दिखाना। मेरे को अपना गुस्सा मत दिखाया कर। तेरी — में डाल दूंगा तेरा गुस्सा, समझा।

इसके बाद जडेजा ने कहा कि तू क्यों बोल रहा है इतना? इतने में मैदान में पहले से मौजूद गेंदबाज मोहम्मद शमी और मैदान के बाहर से ड्रिंक्स लेकर आए चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने दोनों को अलग-अलग किया।

ईशांत और जडेजा फिर करीब आए और इशांत ने कहा कि मेरे से भी मत बोल, फालतू बकवास मत कर। इसके बाद कुलदीप ने जडेजा और इशांत ने शमी को अलग-अलग किया।

मंगलवार को दूसरा टेस्ट मैच हारने बाद जब सारे भारतीय खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे तो जडेजा ने भी ईशांत से हाथ मिलाया।

ईशांत ने उनसे हाथ जरूर मिलाया, लेकिन उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया।

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