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Ind Vs Aus: चायकाल के बाद मैच की सुरुवात, भारत की नजर अधिक बढ़त बनाने में

शुरुआती कुछ ओवरों में न तो मुरली विजय ने ही बाहर जाती गेंदों से छेड़छाड़ की और न ही केएल राहुल ने. यही वजह रही कि शुरुआती दस ओवरों के बाद भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 19 रन था.

एडिलेड:
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में खेले जा रहे चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट के तीसरे दिन चायकाल के बाद आखिरी सेशन का खेल शुरू हो गया है.

चायकाल तक भारत ने दूसरी पारी में बेहतर बैटिंग करते हुए 2 विकेट पर 86 रन बनाए थे. आउट होने वाले दोनों बल्लेबाज मुरली विजय (18) और केएल राहुल (44) रहे. इन दोनों ने दूसरी पारी में बेहतर रवैया दिखाते हुए पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़े.

फिलहाल भारत का स्कोर 32 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 90 रन है. पुजारा 12 और विराट कोहली 5 पर जमे हुए हैं.
विकेट पतन: 63-1 (विजय, 18.2), 76-2 (राहुल, 24.2)

दूसरा सेशन

  1. ओपनरों का सुधरा रवैया

दूसरी पारी में दोनों भारतीय ओपनरों मुरली विजय और केएल राहुल के रवैये में सुधार देखने को मिला. बिल्कुल भी जल्दबाजी नहीं. एकदम वैसी ही एप्रोच और एटीट्यूड जिसकी ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर जरूरत है.

शुरुआती कुछ ओवरों में न तो मुरली विजय ने ही बाहर जाती गेंदों से छेड़छाड़ की और न ही केएल राहुल ने. यही वजह रही कि शुरुआती दस ओवरों के बाद भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 19 रन था.

और अच्छा-खासा समय गुजारने के बाद केएल राहुल के नैसर्गिक अंदाज के दर्शन हुए, जब उन्होंने पैट कमिंस के फेंके 15वें ओवर में मिडऑफ के ऊपर से बेहतरीन छक्का और चौका जड़ा. दूसरे छोर पर मुरली विजय ने पूरी सतर्कता और शांति से राहुल का साथ दिया, नतीजा यह रहा कि इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़ डाले.

जब यह लग रहा था कि यह जोड़ी एक बड़ी साझेदारी की ओर बढ़ रही है, तभी मिशेल स्टॉर्क की बाहर जाती गेंद पर ड्राइव करना मुरली विजय को भारी पड़ गया. मुरली स्लिप में हैंड्सकॉम्ब के हाथों लपके गए.

  1. जमकर आउट हुए केएल राहुल

अपने तेवरों के उलट केएल राहुल ने दूसरी पारी में टीम की जरूरतों के हिसाब से बल्लेबाजी की. नियमित अंतराल पर अपने स्ट्रोक खेलने का आदत पर काबू रखा.

निगाहें जमने के बाद ही स्ट्रोक खेले. दूसरी पारी में केएल राहुल ने एक बड़ी पारी खेलने के लिए वह सब हासिल किया, जिसकी किसी भी सलामी बल्लेबाज को जरूरत होती है. लेकिन इसके बावजूद राहुल अपने 44 रनों को एक बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके.

और इस पहलू से यह पारी भी एक तरफ से मौके जाया करने वाली रही. इस पारी से एक बार को उन्होंने अगले टेस्ट के लिए तो जगह पक्की कर ली, लेकिन यहां उन्हें जरूरत बड़ा स्कोर करने की थी.

लेकिन यहां भी वह जमने के बाद हैजलवुड की बाहर जाती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे कैच दे बैठे. केएल राहुल के बाद दूसरे सेशन में चायकाल तक चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली ने भारत को और कोई झटका नहीं लगने दिया.

इससे पहले तीसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 235 रन पर समेट कर पहली पारी में 15 रन की बढ़त हासिल कर ली. ट्रेविस हेड ने 72 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को भारत के काफी नजदीक पहुंचा दिया.

ऑस्ट्रेलिया टीम जैसे ही दूसरी पारी में फील्डिंग करने मैदान पर उतरी, तो हल्की बारिश के कारण अंपायरों ने लंच का ऐलान समय से पहले कर दिया. इससे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पैनी नाखुश दिखाई पड़े.

तीसरे दिन सुबह बारिश ने दो बार खेल को बाधित किया. पहली बार बारिश के कारण पौने घंटा देरी से खेल शुरू हुआ, तो एक बार फििर से करीब आधा घंटे का खेल बारिश ने बर्बाद किया.

दूसरे व्यवधान के बाद शुरू हुए खेल के दौरान ऑस्ट्रेलिया को समेटने का काम किया मोहम्मद शमी ने. तीसरे दिन पहली बार गेंदबाजी करने आए शमी ने दो लगातार गेंदों पर विकेट चटकाकर 98.4 ओवरों में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को टीम इंडिया के स्कोर से 15 रन पहले ही रोक दिया.

पहला सेशन:

  1. बुमराह ने कराई शुरुआत

तीसरे दिन के पहले सेशन पर बारिश का साया ज्यादा रहा. और इसने दो बार खेल को प्रभावित किया. बारिश के चलते पहले खेल पौना घंटा देरी से शुरू हुआ.

जब खेल शुरू हुआ, तो दिन के चौथे ही ओवर में बुमराह ने मिशेल स्टॉर्क (15) को पंत के हाथों लपकवाकर ऑस्ट्रेलिया को आठवां झटका दिया. और स्टॉर्क का विकेट गिरने के साथ ही एक बार फिर से बारिश ने अड़ंगा डाल दिया.



  1. भारत मनोवैज्ञानिक लाभ लेने से चूका

दूसरे दिन की समाप्ति पर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 7 विकेट पर 197 रन था. और सवाल यही था कि क्या भारत तीसरे दिन बढ़त का अंतर से ज्यादा से ज्यादा रख मनोवैज्ञानिक लाफ हासिल कर पाता है.

दूसरे दिन इस अंतर पर अगर ट्रेविस हेड ने वार किया, तो तीसरे दिन पहले सेशन में इस पहलू को नुकसान हेड ने नॉथन लॉयन (15) के साथ मिलकर पहुंचाया. इन दोनों ने नौवें विकेट के लिए बहुमूल्य 31 रन जोड़ डाले.

और ऑस्ट्रेलिया को करीब-करीब भारत के स्कोर तक पहुंचा दिया और भारतीय टीम बढ़त के मनौवैज्ञानिक लाभ से वंचित हो गई. और जब सुबह पहली बार शमी को विराट ने गेंद थमाई, तो उन्होंने लगातार दो गेंदों पर विकेट चटकाते हुए यह साफ-साफ मैसेज दिया कि उन्हें पहले अटैक पर क्यों नहीं लगाया गया.

विकेट पतन: 0-1 (फिंच, 0.3), 2-45 (हैरिस, 21.1), 59-3 (मार्श, 27.6), 87-4 (ख्वाजा, 39.3), 120-5 (हैंड्सकॉम्ब, 57.3), 127-6 (पैनी, 62.6), 177-7 (कमिंस, 80.3), 204-8 (स्टॉर्क, 91.4), 235-9 (हेड, 98.3), 235-10 (हेजलवुड, 98.4)

दूसरे दिन के खेल की बात करें, तो भारतीय गेंदबाजों के प्रभावी प्रदर्शन के बीच ऑस्ट्रेलिया ने सात विकेट 191 रन बनाए थे. वह तो भला हो तीसरा टेस्ट खेल रहे नंबर छह ट्रेविस हेड (नाबाद 61) की अर्धशतकीय पारी का, जिनके प्रयास के चलते ऑस्ट्रेलिया भारतीय गेंदबाजों से लोहा लेने में कामयाब रहा. मैच के लिए दोनों देशों की फाइनल इलेवन इस प्रकार हैं:

भारत : विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, लोकेश राहुल, चेतेश्‍वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा और मोहम्मद शमी.

ऑस्ट्रेलिया : टिम पैनी (कप्तान/विकेटकीपर), एरॉन फिंच, मार्क्स हैरिस, उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श, पीटर हैंड्सकॉम्ब, ट्रेविस हेड, मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस, नाथन लॉयन और जोस हेजलवुड.

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