रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने एक साथ हुआ भारत और जापान

हैदराबाद हाउस में हुई भारत-जापान के बीच महत्वपूर्ण 2+2 वार्ता

नई दिल्ली: भारत और जापान के बीच हुई महत्वपूर्ण 2+2 वार्ता में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने भारत और जापान एक साथ हुआ. जापान ने आतंकवाद के मामले में भारत का साथ देने का वादा किया.

भारत की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान की तरफ से वहा के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और रक्षा मंत्री तारो कोनो ने भाग लिया. दोनों देशों के बीच तेजी से गहरे होते आपसी रिश्ते के लिहाज से ये बैठक बेहद महत्वपूर्ण रही.

विचारों का आदान-प्रदान

इस बातचीत का मुख्य फोकस हिन्द प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर आपसी सहयोग मजबूत करना. सामरिक रूप से दोनों देशों के बीच बेहतर सहयोग बढ़ाना था. विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत और जापान के बीच इस बैठक में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की समीक्षा और विचारों का आदान-प्रदान हुआ.

इस बैठक के बाद जापान के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी से भी मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर में शांति समृद्धि और स्थिरता की मुख्य चाबी भारत और जापान संबंध है.

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह और जापानी पीएम शिंजो आबे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को बेहद महत्व देते हैं और उन्हें अगले महीने भारत जापान सालाना सम्मेलन में शिंजो आबे के आने का इंतजार रहेगा.

एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी जारी

इस बैठक के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी जारी किया. सोलह बिन्दुओ के इस जॉइंट स्टेटमेंट में इंडो-पैसेफिक रीजन, साउथ चाइना सी और तमाम मुद्दों पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने खुलकर बात रखी.

इसमें कहा गया है कि दोनों पक्ष आपसे सहयोग बढ़ाने की दिशा में लगातार इस तरह की वार्ता करते रहेंगे. इस संयुक्त बयान में बड़ी बात यह है कि आतंक के खात्मे के लिए भारत और जापान एक साथ आए हैं दोनों ही देशों ने आतंक के सभी रूपों की निंदा की है.

बड़ी बात यह है कि जापान और भारत के प्रतिनिधियों के बीच टू प्लस टू वार्ता के बाद जो ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी हुआ है, उसमें पाकिस्तान का नाम लेकर आतंकवाद को पनाह देने को लेकर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई गई है.

सीधे शब्दों में कहा गया है कि पाकिस्तान को अपनी सीमा के अंदर पनप रहे आतंकवाद को खत्म करना चाहिए सीमा के भीतर जो उनको मदद मिल रही है उसको पूरी तरह से नष्ट करना चाहिए.

साझा बयान में साफ कहा है कि किसी भी देश को जहां पर आतंकवाद बढ़ रहा है, वहां पर उसको मदद मिल रही है, उस मदद को खत्म किया जाना चाहिए. साझा बयान में पाकिस्तान का नाम लेकर सीधे तौर पर कहा गया है कि पाकिस्तान को अपनी सीमा में जो आतंकवाद पनप रहा है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

आतंक को शांति और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बताते हुए दोनों देशों ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया को एक साथ आने की जरूरत है. किसी भी रूप में आतंकवाद कहीं भी यदि पनपता है तो इसको एक साथ खड़े होकर खत्म किया जाना चाहिए.

आतंक की पनाहगाह खत्म

जिस भी देश की सीमा के भीतर इसको मदद मिल रही है वो खत्म होनी चाहिए. आतंक की पनाहगाह खत्म होनी चाहिए. आतंक को जो इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है जो मदद मिल रही है, उसको भी तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए. दोनों देशों के प्रतिनिधि इस बात पर सहमत थे कि आतंक का जो नेटवर्क है, उसका पूरी तरह खात्मा होना चाहिए. आतंक पूरी दुनिया के लिए खतरा है.

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