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‘स्पूतनिक V’ वैक्सीन को लेकर भारत और रूस के बीच बातचीत जारी

परीक्षण को भारत में करने के लिए नई दिल्ली से सहयोग मांगा

नई दिल्ली: स्पूतनिक V वैक्सीन को लेकर भारत और रूस संपर्क में हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री में सेक्रटरी राजेश भूषण ने बताया कि दोनों देशों के बीच शुरुआती सूचनाएं साझा भी हो चुकी हैं। इस बीच सूत्रों ने जानकारी दी है कि रूस ने स्पूतनिक-V वैक्सीन को बनाने और उसके तीसरे चरण के परीक्षण को भारत में करने के लिए नई दिल्ली से सहयोग मांगा है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त को कोरोना वायरस की वैक्सीन ‘स्पूतनिक V’ का ऐलान किया था। इसके साथ ही कोविड-19 के लिए वैक्सीन को मंजूरी देने वाला रूस दुनिया का पहला देश बन गया। रूस ने तब कहा था कि अगस्त के आखिर तक वैक्सीन को उतार दिया जाएगा।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने इस वैक्सीन के पहले बैच का उत्पादन भी कर लिया है। हालांकि, ‘स्पूतनिक V’ को लेकर विशेषज्ञों ने यह कहकर चिंता जताई है कि इसे बनाने में तय प्रोटोकॉल्स का पालन नहीं किया गया है और यह असुरक्षित हो सकती है।

रूस ने भारत से कोविड-19 वैक्सीन ‘स्पूतनिक V’ को बनाने और भारत में उसके तीसरे चरण के परीक्षण के लिए सहयोग मांगा है। सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी भाषा को बताया कि कोविड-19 टीके से जुड़े राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की 22 अगस्त को हुई पिछली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई।

‘स्पूतनिक V’ का विकास ‘गमालेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमोलॉजी ऐंड माइक्रोबायलॉजी’ और ‘रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड’ (आरडीआईएफ) ने मिलकर किया है। इस वैक्सीन के बारे में सीमित डेटा को लेकर कई तबकों ने संदेह जाहिर किया है। सरकार के एक सूत्र ने कहा, ‘रूस सरकार ने भारत सरकार से कोविड-19 के टीके ‘स्पूतनिक V’ की मैन्यूफैक्चरिंग और यहां इसका तीसरे चरण का परीक्षण करने के लिए सहयोग मांगा है।’

सूत्र ने कहा, ‘जैव प्रौद्योगिकी विभाग और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग से मामले को देखने को कहा गया है। रूस सरकार के अधिकारियों ने ‘स्पूतिनक V’ के बारे में कुछ सूचना और डेटा साझा किया है, जबकि टीके के प्रभाव व सुरक्षा से जुड़े अन्य डेटा का इंतजार किया जा रहा है।’

यह पूछे जाने पर कि क्या रूस सरकार ने भारत में ‘स्पूतनिक V’ के विनिर्माण के लिए कोई औपचारिक आग्रह किया है, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘जहां तक स्पूतनिक V टीके का सवाल है तो भारत और रूस दोनों संपर्क में हैं। कुछ शुरुआती सूचना साझा की गई है, जबकि कुछ ब्योरे का इंतजार है।’

सूत्रों के अनुसार, भारत में रूस के राजदूत निकोलय कुदाशेव ने प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन और साथ में जैव प्रौद्योगिकी व स्वास्थ्य अनुसंधान विभागों के सचिवों से इस बारे में संपर्क किया है।

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