वैश्विक शक्ति बने भारत : डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटनः अमरीका के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा कि अमरीका और भारत के बीच संबंध कभी इससे मजबूत या बेहतर नहीं रहे। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि भारत प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभरे। दोनों देशों के बीच हाल ही में व्यापार विवाद तथा रूस और ईरान के खिलाफ अमरीकी प्रतिबंधों पर नई दिल्ली की प्रतिक्रिया के बाद भारत-अमरीका के संबंधों की स्थिति के बारे में पूछे गए एक सवाल पर वह प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहीं थीं।

उन्होंने कहा , ‘हम भारत के एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने और हिंद- प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थायित्व और बढ़ती समृद्धि सुनिश्चित करने में हमारे प्रयासों के एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में उसका समर्थन करते हैं।’ विदेश मंत्रालय के एक अन्य प्रवक्ता ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री जिम मैटिस अपने समकक्षों के साथ इस साल वॉशिंगटन में पहली ‘भारत-अमरीका 2+2 डॉयलाग ’ की मेजबानी करने की तैयारी में है।

इस बैठक की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। पहले यह बैठक मध्य अप्रैल में होनी थी लेकिन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के रेक्स टिलरसन को विदेश मंत्री के रूप में हटाए जाने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी।

ट्रंप ने एक कानून ‘द काउंटरिंग अमरीकास एडवर्सरीज थ्रू सैंगक्शन्ज एक्ट, (CAATSA ) पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत रूस , ईरान और उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाया गया है। सीएएटीएसए के सैक्शन 231 के मुताबिक रूस के साथ रक्षा और खुफिया क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लेनदेन करने वालों पर मध्यम प्रतिबंधों का प्रावधान है। हीथर ने बताया , ‘अमररीका-भारत साझेदारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है और नियम आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है।’

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