राष्ट्रीय

भारत ने बनाया एक बड़ा रिकॉर्ड-सीमा से सटे क्षेत्रों में 44 पुलों का उद्घाटन

सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित ये पुल कनेक्टिविटी और विकास के एक नये युग की शुरूआत करेंगे।''

दिल्‍ली, भारत। देश में एक तरफ महामारी कोरोना का संकटकाल छाया हुआ है, दूसरी ओर चीन से तनातनी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सीमा से सटे क्षेत्रों लद्दाख समेत सात राज्यों में 44 ब्रिजों का रक्षा मंत्री ने उद्घाटन किया।

44 ब्रिजों का लोकार्पण :

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा 7 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 286 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 44 ब्रिजों का लोकार्पण किया और नेचिफु टनल की भी आधारशिला रखी। रक्षा मंत्री ने कहा, ”एक साथ इतनी संख्या में पुलों का उद्घाटन और टनल का शिलान्यास, अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित ये पुल कनेक्टिविटी और विकास के एक नये युग की शुरूआत करेंगे।”

किन राज्‍यों में ये 44 पुल :

बीआरओ द्वारा बनाए गए 44 पुलों जिसका आज सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया, वे 7 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में है, जो इस प्रकार है-

जम्मू-कश्मीर में 10 पुल

लद्दाख में 8 पुल पुल

हिमाचल में 2 पुल

पंजाब में 4 पुल

उत्तराखंड में 8 पुल

अरुणाचल में 8 पुल

सिक्किम में 4 पुल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के तवांग के लिए नेचिपु सुरंग की आधारशिला रखी।

इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ”आप हमारे उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर बनाई गई स्थिति से परिचित हैं। पहले पाकिस्तान और अब चीन, ऐसा लगता है कि एक मिशन के तहत सीमा विवाद बनाए गए हैं। इन देशों के साथ हमारी करीब 7000 किलोमीटर लंबी सीमा है।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहइन पुलों के निर्माण से हमारे पश्चिमी, उत्तरी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में सैन्य और नागरिक परिवहन की सुविधा बढ़ेगी। हमारे सशस्त्र बल के कर्मी उन इलाकों में बड़ी संख्या में तैनात हैं जहां साल भर परिवहन उपलब्ध नहीं रहता है, इन पुलों का निर्माण क्षेत्र में आम लोगों के साथ-साथ सेना के लिए भी फायेदमंद होगा।

सभी क्षेत्रों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव :

राजनाथ सिंह ने कहा कि, ”इतनी समस्याओं के बावजूद हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल, और दूरदर्शी नेतृत्व में यह देश न केवल इन संकटों का दृढ़ता से सामना कर रहा है, बल्कि सभी क्षेत्रों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव भी ला रहा है। हाल ही में राष्ट्र को समर्पित ‘अटल टनल, रोहतांग’, इसका जीता-जागता उदाहरण है। न केवल भारत, बल्कि विश्व के इतिहास में यह निर्माण अद्भुत, और अभूतपूर्व है। यह टनल हमारी ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’, और ‘हिमाचल’, ‘जम्मू-कश्मीर’ और ‘लद्दाख’ के जनजीवन की बेहतरी में एक नया अध्याय जोड़ेगा।”

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