पाकिस्तान और चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 30 ड्रोन्स खरीद रहा भारत

इस ड्रोन ने की थी अलकायदा के दुर्दांत आतंकी ओसामा बिन लादेन की खोज

नई दिल्ली:अलकायदा के दुर्दांत आतंकी ओसामा बिन लादेन की खोज करने वाले और कई जंग जितने वाले ड्रोन MQ-9 रीपर/प्रीडेटर बी (MQ-9 Reaper/Predator B) अब भारत के बाड़े हो होने वाला है. दरअसल पाकिस्तान और चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत 30 ऐसे ड्रोन्स खरीद रहा है.

भारत अमेरिका से 30 MQ-9B Predator ड्रोन्स खरीद रहा है. इस डील की कीमत होगी करीब 21,832 करोड़ रुपए. अमेरिका के सैन डिएगो स्थित जनरल एटॉमिक्स के अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर मीडिया को बताया कि अगले महीने भारत सरकार इस डील की अनुमति दे देगी. इस डील के बाद भारत की सैन्य शक्ति में बड़ा इजाफा होगा. फिलहाल इन ड्रोन्स का उपयोग भारत निगरानी और जासूसी के लिए करेगा. MQ-9B Predator ड्रोन्स लगातार 48 घंटे की उड़ान भर सकता है. यह अपने साथ 1700 किलोग्राम वजन उठा सकता है. भारत अमेरिका से 30 हथियारबंद MQ-9B Predator ड्रोन्स खरीदेगा. ताकि चीन और पाकिस्तान के साथ चल रहे सीमाई तनाव को कम किया जा सके. दुश्मनों को ये बताया जा सके कि हमारे पास ऐसा हथियार है जो बिना पता चले उनके मंसूबों को नेस्तनाबूत कर सकता है.

MQ-9B Predator ड्रोन्स की खरीद को लेकर भारतीय रक्षा मंत्रालय या जनरल एटॉमिक्स के प्रवक्ता या अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के किसी भी अधिकारी ने फिलहाल कोई बात कहने से मना किया है. पिछले साल जब चीन के साथ भारत सीमा विवाद में उलझा था, तब देश के रक्षा मंत्रालय ने 2 बिना हथियार वाले MQ-9 Predator ड्रोन्स निगरानी के लिए लीज पर मंगाए थे. अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन इस महीने भारत की यात्रा कर सकते हैं. इसके अलावा क्वाड बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल सकते हैं. इस बैठक में जापान और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रप्रमुख शामिल होंगे. ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने इस बैठक की घोषणा तो कर दी है, लेकिन तारीख अभी नहीं बताई है.

ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका से आने वाले ड्रोन्स को भारतीय नौसेना के साथ तैनात किया जाएगा. ताकि भारत के दक्षिणी हिस्से की भी निगरानी हो सके. इसके अलावा चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के आसपास भी तैनाती की जाएगी. आइए अब जानते हैं इस ड्रोन की ताकत के बारे में… MQ-9B Predator ड्रोन्स को उड़ाने के लिए दो लोगों की जरूरत होती है. ये लोग रिमोट से इसे उड़ाते हैं. इसकी लंबाई 36 फीट एक इंच होती है. विंगस्पैन 65 फीट 7 इंच होता है. ऊंचाई 12 फीट 6 इंच होती है. यह 482 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम गति से उड़ सकता है. एक बार उड़ान भरने पर यह 1900 किलोमीटर तक निगरानी कर सकता है.

MQ-9B Predator ड्रोन्स में अगर फुल टंकी यानी 1800 किलोग्राम ईंधन डाल दिया जाए तो यह 50 हजार फीट की ऊंचाई पर 14 घंटे लगातार उड़ सकता है. हालांकि आमतौर पर उसे 25 हजार फीट की ऊंचाई पर ही उड़ाया जाता है. इसका हनीवेल टीपीई331-10 टर्बोप्रॉप इंजन इसे 900 हॉर्सपावर की ताकत देता है. MQ-9B Predator ड्रोन्स में हवा से जमीन पर मार करने वाली 4 AGM-114 हेलफायर मिसाइल लगाई जा सकती हैं. इसके अलावा दो GBU-12 Paveway 2 लेजर गाइडेड बम. एक GBU-38 ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन भी तैनात किया जा सकता है. अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को खोजने और कई आतंकियों को खत्म करने के लिए अमेरिका MQ-9B Predator ड्रोन्स का सफल उपयोग कर चुका है. साल 2000 से अब तक पाकिस्तान, सीरिया, अफगानिस्तान समेत कई देशों में अमेरिका आतंकियों को खत्म करने के लिए इस ड्रोन का उपयोग कर चुका है. जल्द ही ये ताकत भारत के पास होगी.

Tags
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button