अमेरिका-चीन में ट्रे़ड वॉर से यूं फायदा उठा सकता है भारत

नई दिल्ली।

अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रे़ड वॉर का भारत को बड़ा लाभ मिल सकता है और वह अपने कृषि उत्पादों की बिक्री के मामले में बढ़त बना सकता है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में यह बात कही है। अखबार के मुताबिक यूएस-चीन के बीच ट्रेड वॉर से भारत और चीन के पास अपने कृषि व्यापार को बढ़ाने का मौका होगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार का संतुलन भी कम हो सकेगा।

हालांकि चीनी एक्सपर्ट्स ने भारत के फार्मिंग प्रॉडक्ट्स की अधिक कीमत को कारोबार के विस्तार के लिए एक बाधा बताया। ग्लोबाल टाइम्स ने चीन में भारतीय दूतावास के हवाले से बताया कि भारत सरकार ऐग्रिकल्चरल प्रॉडक्ट्स की सेल को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। शंघाई इंस्टिट्यूट में साउथ एशिया स्टडीज डिपार्टमेंट के डायरेक्टर झाओ गांचेंग ने कहा, ‘अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर के तेज होने के चलते इस बात की संभावना है कि चीन रिप्लेसमेंट मार्केट के तौर पर भारत का रुख करेगा।’

भारत सरकार चीन के मार्केट में एंट्री करने के लिए प्रयास कर रही है। भारत ने इसके तहत चीन से 7 साल से लगे सफेद सरसों के आयात पर बैन को हटाने की मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर का लाभ लेने के लिए भारत प्रयास कर रहा है। उसे चीन को सोयाबीन का अधिक निर्यात करने की संभावना दिख रही है।

अनाज से जुड़ी एक वेबसाइट के एडिटर जियाओ शानवेइ ने कहा कि चीन में सोयाबीन के निर्यात में अब तक अमेरिका शीर्ष पर था। लेकिन, ट्रेड वॉर के चलते चीन में सोयाबीन का आयात प्रभावित हुआ है। चीन में सोयाबीन का इस्तेमाल तेल के उत्पादन और सोयाबीन मील के लिए किया जाता है।

जियाओ ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, ‘सोयाबीन का तेल कोई बड़ी समस्या नहीं है क्योंकि चीन में इसकी मांग कम हो रही है। मैं समझता हूं कि चीन सरकार अमेरिका की बजाय भारत जैसे वैकल्पिक देशों से सोयाबीन का आयात कर सकती है।’ इसके अलावा अमेरिका से ट्रेड वॉर के चलते भारत चीन को तम्बाकू और अंगूर जैसे प्रॉडक्ट्स का निर्यात कर व्यापारिक असंतुलन को कम कर सकता है।

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