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सशस्त्र बलों के लिए राइफल भी विकसित नहीं कर सका भारत : उपराष्ट्रपति अंसारी

नई दिल्ली: रक्षा क्षेत्र में सरकार की ओर से अनुसंधान एवं विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने पर अफसोस जताते हुए उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने शनिवार को कहा कि भारत अपनी रक्षा जरूरतों का 60 फीसदी अब भी आयात करता है और अपने सशस्त्र बलों के लिए ढंग की एक राइफल भी विकसित नहीं कर सका है. अंसारी ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब देश में ही विकसित एक राइफल थलसेना की ओर से किए गए फायरिंग परीक्षण में ‘बुरी तरह नाकाम’ हो गई. यह राइफल सालों पुराने इंसास मॉडल की जगह नई राइफलें सेना को मुहैया कराने के मकसद से विकसित की गई थी.

उप-राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का महज 0.9 फीसदी वैज्ञानिक अनुसंधान पर खर्च करता है जबकि चीन इस मद में 2 फीसदी, जर्मनी 2.8 फीसदी और इस्राइल 4.6 फीसदी खर्च करता है. उन्होंने कहा कि देश में विशुद्ध विज्ञान विषयों में पीएचडी धारियों की संख्या ‘बेहद कम’ है और भारत तेजी से बदलती इस दुनिया में ‘काफी पीछे’ है. उन्होंने सवाल किया कि एक के बाद एक कर आई कई सरकारों ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया.

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